Sarna Dharma Code
रांची। राष्ट्रीय आदिवासी समाज सरना धर्म रक्षा अभियान के बैनर तले सरना संगठनों की बैठक हुई। बैठक में सरना धर्म कोड को लेकर 17 फरवरी को दिल्ली के जंतर-मंतर में धरना कार्यक्रम में शामिल होने का निर्णय लिया गया। अध्यक्षता कर रहे शिवा कच्छप ने कहा कि 17-18 फरवरी को विभिन्न राज्यों के आदिवासी प्रतिनिधि जंतर-मंतर में सत्याग्रह और धरना में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि सरना धर्म कोड को लेकर अब आर-पार की जंग होगी। और इसमें सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों को आदिवासी संगठन भी शामिल होंगे।
सरना कोड की मांग को लेकर बनाया जाएगा दबाव
शिवा कच्छप ने कहा कि इसके मध्यम से सरना धर्म कोड की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जायेगा। धरना के बाद भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री को स्मार पत्र दिया जायेगा। देश के लगभग एक करोड़ सरना धर्मावलंबी अब प्रतिबद्ध है कि सरना धर्म कोड जनगणना परिपत्र में शामिल हो और भारत के आदिवासियों को उनकी अलग धार्मिक पहचान मिले। बैठक में राजेश उरांव, बिनोद उरांव, मनोज उरांव, शांति तिर्की, अनिता उरांव, सती तिर्की, मंगरी उरांव, फूलो उरांव, मनोज लकड़ा, सुशीला उरांव, इंदु उरांव सहित अन्य शामिल थे।
