सड़क सुरक्षा माह का समापन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सम्मानित

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Road Safety Month

रांची। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर 1 जनवरी से 31 जनवरी तक पूरे देश में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया गया। देश के अन्य राज्यों के तरह झारखंड में भी पूरे जनवरी माह में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के रूप में मनाया गया। इस दौरान राज्यभर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कई कार्यक्रम, अभियान और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इस वर्ष अभियान का मुख्य उद्देश्य “Zero Fatality” यानी सड़क हादसों में होने वाली मौतों को शून्य तक लाना रहा। इस अभियान के सफल समापन पर 31 जनवरी को राजधानी रांची स्थित चाणक्य BNR में एक दिवसीय सड़क सुरक्षा सेमिनार सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन और अन्य नोडल विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया।

दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की हुई शुरुआत

कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ ने दीप प्रज्वलित कर के किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा झारखंड सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और सड़क दुर्घटनाओं में जानमाल की क्षति को कम करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।परिवहन मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार या विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक का दायित्व है। यदि लोग ईमानदारी से यातायात नियमों का पालन करें, तो दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

अधिकारियों और विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार

सेमिनार में परिवहन विभाग (Transport Department) की सचिव विप्रा भाल, परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा, रांची ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव संगीता लाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक और विभिन्न नोडल विभागों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।परिवहन आयुक्त संजीव कुमार बेसरा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण मानवीय गलती होती है। उन्होंने ‘Right of Way’ की समझ विकसित करने और एक-दूसरे के अधिकारों का सम्मान करने पर जोर दिया। वहीं ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं में ‘Drunk and Drive’ एक प्रमुख कारण है।

हजारीबाग जिला को मिला दो प्रतिष्ठित पुरस्कार

सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में हजारीबाग जिला को दो प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। पहला पुरस्कार “राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026” को जिले में बेहतर तरीके से लागू करने, जन-जन तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने तथा व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के लिए प्रदान किया गया। इस उपलब्धि के लिए हजारीबाग जिला को प्रशस्ति पत्र देकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। वहीं दूसरा सम्मान राज्य में “गुड सेमेरिटन” योजना के प्रभावी प्रचार-प्रसार, गुड सेमेरिटन की पहचान कर उन्हें सम्मानित करने के लिए दिया गया, जिसके अंतर्गत हजारीबाग जिले को तृतीय पुरस्कार मिला।

सभी 24 जिलों को मिले प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न

हजारीबाग जिले की ओर से जिला परिवहन पदाधिकारी श्री वैधनाथ कामती, यातायात थाना प्रभारी श्री अनूप प्रसाद, मोटर यान निरीक्षक श्री बिरसू सिंह एवं श्रीमती रवीना कुमारी, सड़क सुरक्षा प्रबंधक श्री संतोष कुमार, रोड इंजीनियर एनालिस्ट श्री शारिक इकबाल तथा आईटी सहायक श्री अरविंद कुमार ने मंच पर उपस्थित होकर सम्मान प्राप्त किये। इस मौके पर सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले सड़क सुरक्षा मित्रों और नेक नागरिकों को सम्मानित किया गया। चाईबासा, रांची, जामताड़ा और लातेहार के लोगों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए सम्मान मिला। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान बेहतर जागरूकता कार्य करने वाले सभी 24 जिलों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न दिए गए।हिट एंड रन मुआवजा योजना, गुड सेमेरिटन नीति और दुर्घटना मृत्यु दर में कमी लाने वाले जिलों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

शपथ और सम्मान समारोह

समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथियों ने सुरक्षित यातायात व्यवस्था, सड़क नियमों के पालन और जन-जागरूकता अभियानों के लिए हजारीबाग जिले की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। समापन समारोह में RTO सहित मौजूदा सभी लोगों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, जिसमें सीट बेल्ट और हेलमेट के उपयोग तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने का संकल्प लिया गया। साथ ही सड़क सुरक्षा मित्रों, नेक नागरिकों और उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया।

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