Dr Vikas air ambulance accident
रांची। रांची के सदर अस्पताल में आज एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार गुप्ता की स्मृति में शोक सभा का आयोजन किया जा रहा है। एयर एंबुलेंस दुर्घटना में उनके असामयिक निधन से चिकित्सा जगत में शोक की लहर है। शोक सभा में अस्पताल के चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और झासा के प्रतिनिधि शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।
एयर एंबुलेंस हादसे में गई जान
डॉ. विकास उन चुनिंदा चिकित्सकों में थे, जिन्हें गंभीर मरीजों के साथ एयर एंबुलेंस में भेजा जाता था। जानकारी के अनुसार, हादसे के दिन वे एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए रांची से दिल्ली ले जा रहे थे। विमान ने शाम 7:15 बजे उड़ान भरी थी और लगभग 7:35 बजे चतरा जिले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। प्रारंभिक रिपोर्ट में तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई है।
कोरोना काल में निभाई अहम भूमिका
कोरोना महामारी के दौरान डॉ. विकास ने नामकुम स्वास्थ्य केंद्र से प्रतिनियुक्ति पर सदर अस्पताल में सेवाएं दीं। सी-कैप मशीन के जरिए उन्होंने कई गंभीर मरीजों को राहत पहुंचाई। उनके सहयोगियों के अनुसार वे मृदुभाषी, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक थे।
शोक सभा का महत्व
सदर अस्पताल परिसर में आयोजित शोक सभा केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके सेवा-भाव और समर्पण का सम्मान भी है। उपाधीक्षक डॉ. बिमलेश सिंह ने कहा कि डॉ. विकास का व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणास्रोत था। सभा में उनके सहयोगी और छात्र परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करेंगे।
पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
डॉ. विकास का पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास औरंगाबाद ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। वे रांची के डिप्टीपाड़ा में अपनी पत्नी और आठ वर्षीय बच्चे के साथ रहते थे। उनके निधन से परिवार और चिकित्सा समुदाय गहरे सदमे में है।
चिकित्सा जगत की अपूरणीय क्षति
झासा के प्रदेश सचिव डॉ. मृत्युंजय और आईएमए के डॉ. अभिषेक के. रामाधीन ने इस हादसे को हृदय विदारक बताते हुए कहा कि डॉ. विकास की सेवा भावना और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। उनका असमय जाना चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।








