Lok Bhavan Garden open till 15 February: लोकभवन उद्यान बना रांची का सबसे अधिक चर्चा का केंद्र, अब 15 फरवरी तक खुला रहेगा

3 Min Read

Lok Bhavan Garden open till 15 February

रांची। राजधानी रांची में इन दिनों सबसे अधिक चर्चा का केंद्र लोकभवन उद्यान बना हुआ है। आम जनता के जबरदस्त उत्साह और रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को देखते हुए राज्यपाल ने इसे आम नागरिकों के लिए 15 फरवरी तक खुला रखने का निर्णय लिया है। पहले उद्यान को सीमित अवधि के लिए खोला गया था, लेकिन लगातार बढ़ती भीड़ के कारण इसकी अवधि बढ़ाना आवश्यक हो गया।

रविवार को 2 लाख 66 हजार 816 लोग घूमने पहुंचे लोकभवन

लोकभवन उद्यान की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार को ही 2 लाख 66 हजार 816 लोग यहां घूमने पहुंचे। अब तक कुल 4 लाख 92 हजार 470 लोग उद्यान का भ्रमण कर चुके हैं, जो राजधानी के किसी भी सरकारी परिसर में आम नागरिकों की अब तक की सबसे बड़ी सहभागिता मानी जा रही है।

Lok Bhavan Garden open till 15 February

उद्यान की खासियत

उद्यान की सबसे बड़ी खासियत इसकी हरियाली और रंग-बिरंगे फूल हैं। गुलाब, गेंदा, पेटुनिया सहित कई मौसमी और सजावटी फूल पूरे परिसर को आकर्षक बनाते हैं। सलीके से की गई लैंडस्केपिंग और बेहतर रखरखाव ने उद्यान को अलग पहचान दी है। लोकभवन उद्यान का लगभग हर कोना फोटो और वीडियो के लिए पसंदीदा स्थान बन चुका है। लोग परिवार और दोस्तों के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर उद्यान की तस्वीरें और रील्स तेजी से वायरल हो रही हैं।

आधुनिक फव्वारे आकर्षण का केंद्र

उद्यान में लगे आधुनिक फव्वारे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बहते पानी की मधुर ध्वनि और सुंदर डिजाइन वातावरण को और भी मनमोहक बना देती है। इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था सराहनीय रही है। प्रवेश द्वार पर सख्त सुरक्षा जांच और पूरे परिसर में अनुशासन बनाए रखा गया है।

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लोकभवन उद्यान का निरीक्षण किया

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वयं लोकभवन उद्यान का निरीक्षण किया और आम नागरिकों से बातचीत कर उनकी राय जानी। लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि यह पहल पूरी तरह सफल रही है।

लोकभवन उद्यान की अवधि बढ़ाने का निर्णय यह दर्शाता है कि यह स्थान अब केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि रांची में जनसरोकार, सुंदरता और सार्वजनिक सहभागिता का प्रतीक बन चुका है।

Share This Article