Jharkhand Cabinet decision:
रांची। झारखंड कैबिनेट ने राज्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 26 प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिसमें खिलाड़ियों की पेंशन को नए सिरे से 10 श्रेणियों में बांटकर उनके प्रदर्शन के अनुसार पांच हजार से 20 हजार रुपये मासिक देने का प्रावधान शामिल है।
ओलंपिक और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार
ओलंपिक और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं को सबसे अधिक 20 हजार रुपये, वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स और सैफ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 10 से 16 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को न्यूनतम 5 हजार रुपये मासिक मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस पहल से खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिलेगा।
नियमावली को लेकर खेल विभाग ने क्या कहा?
हालांकि, सीधी नियुक्ति और नियमावली को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है। खेल विभाग का कहना है कि नियमावली में सुधार किए गए हैं और भविष्य में कैबिनेट की बैठकों में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। खेल संघों ने पेंशन योजना का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने नियमावली की कमजोरियों की ओर भी इशारा किया। उनका मानना है कि सिर्फ पेंशन देने से खिलाड़ियों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और युवा खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
खिलाड़ी संदीप कुमार ने क्या कहा?
अंतरराष्ट्रीय थ्रो-बॉल खिलाड़ी संदीप कुमार ने बताया कि लंबे समय से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के बावजूद उन्हें कोई सीधा लाभ नहीं मिला और वे निजी नौकरी पर निर्भर हैं।कुल मिलाकर, झारखंड सरकार का पेंशन का फैसला खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक कदम है, लेकिन सीधी नियुक्ति और नियमावली में स्थायी सुधार की आवश्यकता बनी हुई है। खिलाड़ियों की उम्मीद है कि आगामी कैबिनेट बैठकों में सरकार ठोस और स्थायी फैसले लेकर उनके भविष्य को सुरक्षित करेगी।







