Jharkhand budget 2026:
रांची। झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का ‘अबुआ दिशोम’ बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बजट भाषण में कहा कि यह बजट गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सशक्तिकरण पर केंद्रित है। उन्होंने आगे कहा कि बजट राज्य के गरीबों के आंसू पोंछने और झारखंडवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य में विकास कार्यों को गति दी जाएगी। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए पीपीपी, सीएसआर और बाहरी एजेंसियों से फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने सामाजिक न्याय और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी है।
बजट का कुल आकार
बजट का कुल आकार 1,58,560 करोड़ रुपये है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7 % -10 % प्रतिशत अधिक है। इसमें 1,20,851.90 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 37,708.10 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। पूंजीगत व्यय में वृद्धि कर सरकार ने सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने का संकेत दिया है।
कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
‘महिला किसान खुशहाली योजना’ के तहत महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ा जाएगा। नकदी फसलों, कोल्ड स्टोरेज और लघु वन उत्पादों के विकास से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास होगा। शिक्षा क्षेत्र में सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने, चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की घोषणा की गई है।स्वास्थ्य सेवाओं के तहत मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी। 750 ‘अबुआ दवाखानों’ के जरिए सस्ती दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
निवेश, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। सरकार के अनुसार World Economic Forum के मंच से 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 45 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है। आउटकम बजट के तहत बाल बजट और जेंडर बजट भी पेश किया गया है, जिसमें बच्चों के लिए 10.7 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
केंद्र पर बकाया का आरोप
वित्त मंत्री ने केंद्र पर 5,000 करोड़ रुपये टैक्स हिस्सेदारी और 11,000 करोड़ रुपये अनुदान बकाया होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य विकास की रफ्तार बनाए रखेगा।सरकार का दावा है कि यह बजट सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करेगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन कितना प्रभावी होता है।






