Holika Dahan 2026 Upay: होलिका दहन की रात करें ये उपाय, जीवन में बढ़ेगी खुशहाली और ठीक होगी आर्थिक स्थिति

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Holika Dahan 2026 Upay:

नई दिल्ली, एजेंसियां। होलिका दहन, होली का पर्व, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसे छोटी होली या होलिका दीपक के रूप में भी मनाया जाता है। इस साल यह 3 मार्च को मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च शाम 5:55 बजे से शुरू होकर 3 मार्च शाम 5:07 बजे तक रहेगी। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक है। इस रात की पूजा और उपायों से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं, भय और कर्ज से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-शांति व समृद्धि आती है।

आर्थिक समृद्धि के उपाय

होलिका दहन की रात को आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं। शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे देसी घी का दीपक जलाएं और उसे सात बार घेरते हुए परिक्रमा करें। इसके साथ ही माता लक्ष्मी को केसर वाली खीर का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में समृद्धि आती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

भय और कर्ज से मुक्ति

यदि किसी को मानसिक भय या कर्ज के बोझ से छुटकारा पाना है, तो बजरंगबली को पान का बीड़ा अर्पित करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे न केवल चिंता और भय दूर होते हैं, बल्कि कर्ज से राहत भी मिलती है।

व्यापार और कामकाज में वृद्धि

व्यापार में बाधाएं या लाभ की कमी महसूस हो रही हो तो अपनी दुकान या कार्यस्थल की नजर उतारकर उसे होलिका की आग में डाल दें। इस उपाय से व्यापारिक समस्याएं दूर होती हैं और मुनाफा बढ़ता है।

नजर उतारने के उपाय

यदि किसी पर बुरी नजर लगी हो या परिवार के सदस्य बीमार हों, तो होलिका की आग में पान, सुपारी और नारियल अर्पित करें। बीमार व्यक्ति के सिर से नारियल को सात बार वार करना लाभकारी माना जाता है।

करियर में तरक्की

नौकरी या करियर में बाधाएं आने पर होलिका दहन के बाद बची हुई राख को घर लाकर उसमें रुई मिलाकर बत्ती बनाएं और पूजा करें। यह उपाय काम में आने वाली कठिनाइयों को दूर करता है और तरक्की में मदद करता है।
इस प्रकार होलिका दहन केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सुरक्षा लाने का अवसर है। इस रात के सही समय पर किए गए उपाय जीवन में सुख-शांति, आर्थिक स्थिरता और मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष और पंचांग पर आधारित है। इसके परिणाम व्यक्तियों पर भिन्न हो सकते हैं और अमर उजाला इसकी सटीकता के लिए उत्तरदायी नहीं है।

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