Delhi blast:
नई दिल्ली, एजेंसियां। राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर की शाम हुए भीषण कार धमाके में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। फॉरेंसिक टीम ने कार में मिली लाश के DNA सैंपल डॉ. उमर नबी की मां के DNA से मैच कर दिए हैं। इससे पुष्टि हुई कि विस्फोटक से लदी Hyundai i20 कार उमर चला रहा था और धमाके में उसकी भी मौत हो गई।
जांच में सामने आया कि डॉ. उमर ने इंटरनेट की मदद से कार बम बनाने की तैयारी की थी। धमाके वाली कार घटना से पहले मस्जिद के पास करीब तीन घंटे तक खड़ी रही। शाम 6:52 बजे सुभाष मार्ग लाल बत्ती पर विस्फोट हुआ, जिसमें 13 लोगों की जान चली गई और 16 से ज्यादा लोग घायल हुए। विस्फोटक की तीव्रता से कई लोगों के कान के पर्दे, फेफड़े और आंत फट गए। मृतकों की हड्डियां टूटी और सिर तथा ऊपरी शरीर पर गंभीर चोटें आईं। शवों या कपड़ों पर छर्रे नहीं मिले, जिससे संभावना जताई जा रही है कि संशोधित विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया।
धमाके से कुछ घंटे पहले फरीदाबाद में आरोपी डॉ. मुजम्मिल गनई के किराये के मकान से 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट, हथियार और टाइमर बरामद हुए थे। यूपी एटीएस ने लखनऊ से डॉ. परवेज अंसारी से जुड़े लिंक का भी पता लगाया है। जांच एजेंसियां विस्फोटक के प्रकार और स्रोत की पुष्टि के लिए फोरेंसिक विश्लेषण जारी रखी हैं।



