AI Impact Summit 2026:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत में आयोजित AI Impact Summit 2026 में 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भारत के एआई घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे देश की “ह्यूमन-सेंट्रिक एआई” नीति को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता मिली है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह सम्मेलन एआई तकनीक के सुरक्षित, समान और जवाबदेह विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
संपन्न सम्मेलन में 86 देशों और दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत को औपचारिक रूप से अपनाया। इसका उद्देश्य एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण करना और तकनीक व इसके आर्थिक लाभों की पहुंच समाज के हर वर्ग तक सुनिश्चित करना है।
सम्मेलन की प्रमुख विशेषताएं
समिट 16 से 20 फरवरी 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित हुआ। इसमें दुनिया भर के सरकारी नीति-निर्माता, एआई उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद, टेक इनोवेटर्स और नागरिक समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।
- ग्लोबल साउथ नेतृत्व: यह दुनिया का पहला ऐसा वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन था, जो ग्लोबल साउथ में आयोजित हुआ।
- मानव केंद्रित एआई: सम्मेलन का मुख्य फोकस एआई की परिवर्तनकारी क्षमता और मानवता के लिए इसके सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देना था।
- प्रशासन और सुरक्षा: एआई के प्रशासन, सुरक्षा मानकों और समाज पर प्रभाव को लेकर वैश्विक सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- राजनीतिक विवाद भी रहे शामिल
सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस के नेताओं द्वारा शर्टलेस/टॉपलेस प्रदर्शन की कड़ी आलोचना हुई। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, राज्य मंत्री जयंत चौधरी, भाजपा नेता शहजाद पूनावाला और बीआरएस नेता केटीआर ने इसे सस्ती राजनीतिक नौटंकी करार दिया। पुलिस ने आरोपित नेताओं की पाँच दिन की रिमांड मांगी है।
वैश्विक प्रभाव
इस ऐतिहासिक घोषणापत्र से यह स्पष्ट हुआ कि एआई तकनीक पर किसी एक देश या चंद कंपनियों का एकाधिकार नहीं रहेगा। 88 देशों और संगठनों की यह एकजुटता विकासशील देशों में एआई के सुरक्षित उपयोग और आर्थिक लाभों की पहुंच सुनिश्चित करेगी। भविष्य में इन सहमतियों को अंतरराष्ट्रीय नीतियों में बदलना, उद्योग जगत और निवेशकों की नजरों में रहेगा।
इस प्रकार AI Impact Summit 2026 ने भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित किया और दुनिया को यह संदेश दिया कि एआई का भविष्य सभी का कल्याण और सुख सुनिश्चित करने वाला होना चाहिए।








