Dhanteras 2025:
नई दिल्ली। धनतेरस, दीपावली का पहला शुभ दिन, धन, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से न केवल धन की प्राप्ति होती है, बल्कि घर में सुख-शांति, मन की स्थिरता और कार्यों में सफलता भी आती है। भारत में कई प्रसिद्ध लक्ष्मी मंदिर हैं, जहां धनतेरस के अवसर पर विशेष पूजा और आरती का आयोजन किया जाता है।
लक्ष्मी नारायण मंदिर, दिल्ली
कनॉट प्लेस स्थित यह मंदिर आधुनिक लक्ष्मी मंदिरों में से एक है। बिरला परिवार द्वारा निर्मित, यहां धनतेरस और दीपावली पर विशेष आरती होती है। मंदिर का प्रांगण दीपों और फूलों से सजाया जाता है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है।
पद्मनाभस्वामी मंदिर, तिरुवनंतपुरम, केरल
विश्व के सबसे धनवान मंदिरों में शामिल यह मंदिर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी का प्रमुख केंद्र है। धनतेरस पर यहां ‘स्वर्ण पुष्प अर्चना’ की जाती है, जिसे करने से जीवन में स्थायी समृद्धि प्राप्त होती है।
लक्ष्मी मंदिर, पुष्कर, राजस्थान
पुष्कर शहर का यह मंदिर धार्मिक आस्था का केंद्र है। यहां धनतेरस पर सोने-चांदी के सिक्कों और दीपों की आरती होती है। माना जाता है कि मां लक्ष्मी इस दिन सबसे पहले भक्तों की प्रार्थना सुनती हैं।
महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर, महाराष्ट्र
भारत के 108 शक्तिपीठों में से एक यह मंदिर धनतेरस पर ‘किरणोत्सव’ मनाता है। सूर्य की किरणें देवी के चरणों पर पड़ती हैं, जो श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
लक्ष्मी नारायण मंदिर, जयपुर, राजस्थान
‘बिरला मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध यह मंदिर सफेद संगमरमर से निर्मित है। यहां धनतेरस पर लक्ष्मी पूजन, दीपदान और सुंदरकांड पाठ किया जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि मंदिर में पूजा करने से घर में स्थायी सुख और धन वर्षा होती है।
धनतेरस पर इन मंदिरों में दर्शन करने से न केवल धन की प्राप्ति होती है, बल्कि वर्षभर सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य भी बना रहता है।
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