World Diabetes Day 2025: भारत में 2.5 करोड़ से ज्यादा लोग प्रीडायबिटीज के शिकार, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय

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World Diabetes Day 2025: नई दिल्ली, एजेंसियां। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में करीब 2.5 करोड़ से अधिक

World Diabetes Day 2025:

नई दिल्ली, एजेंसियां। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, भारत में करीब 2.5 करोड़ से अधिक लोग प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से आधे से ज्यादा लोगों को यह भी पता नहीं कि उन्हें यह समस्या है। हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है ताकि लोगों को डायबिटीज और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूक किया जा सके।

ब्लड शुगर का स्तर:

प्रीडायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जिसमें ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक होता है, लेकिन इतना नहीं कि इसे टाइप-2 डायबिटीज कहा जाए। यह संकेत देता है कि शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस विकसित हो रहा है। अगर समय पर जीवनशैली और खानपान में बदलाव न किए जाएं, तो व्यक्ति कुछ ही सालों में टाइप-2 डायबिटीज का शिकार हो सकता है। प्रीडायबिटीज की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह अक्सर बिना किसी लक्षण के बढ़ती रहती है और धीरे-धीरे हृदय, किडनी और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है। यह शरीर के लिए एक चेतावनी होती है कि डायबिटीज का खतरा करीब है।

विशेषज्ञों के अनुसार:

विशेषज्ञों के अनुसार, इस बीमारी का खतरा उन लोगों में अधिक होता है जिनका वजन ज्यादा है या जिनके पेट के आसपास चर्बी जमा है। इसके अलावा, जिनकी शारीरिक गतिविधि कम है, जिनके परिवार में पहले से डायबिटीज का इतिहास रहा है, जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल है या फिर जो महिलाएं पीसीओएस (PCOS) से पीड़ित हैं, उन्हें भी इसका खतरा अधिक होता है।

प्रीडायबिटीज को साइलेंट कंडीशन कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते। हालांकि, कुछ लोगों में गर्दन या बगल की त्वचा का काला पड़ना, अत्यधिक प्यास लगना या बार-बार पेशाब आना, थकान महसूस होना या धुंधला दिखना जैसे हल्के संकेत नजर आ सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से परामर्श कर ब्लड शुगर टेस्ट करवाना चाहिए।

जीवनशैली में सुधार:

प्रीडायबिटीज को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए अपनी जीवनशैली में सुधार जरूरी है। अपने वजन का कम से कम पांच से सात प्रतिशत घटाना, रोजाना तीस मिनट की कसरत करना और रिफाइंड कार्ब्स व मीठे खाद्य पदार्थों को कम कर फाइबर और प्रोटीनयुक्त आहार लेना लाभदायक होता है।यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्ट्स पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि या इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

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