Nobel Peace Prize 2025:
नई दिल्ली, एजेंसियां। दुनिया भर में बहस तेज है कि क्या इस साल डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार मिलेगा। हालांकि ट्रंप अपने आप को वैश्विक शांति का सूत्रधार मानते हैं और कई संघर्षों को खत्म करने का दावा कर चुके हैं, विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार वे पुरस्कार जीतने की दौड़ में पीछे हैं।
घोषणा कब
नोबेल शांति पुरस्कार 2025 का विजेता आज दोपहर 2:30 बजे भारतीय समयानुसार ओस्लो में घोषित किया जाएगा। इस बार 338 व्यक्ति और संस्थाओं को नामांकित किया गया है, लेकिन आधिकारिक नाम 50 वर्षों तक गोपनीय रखे जाते हैं।
संभावित दावेदार:
सूडान की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम्स – युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की जान बचाने के लिए।
एलेक्सी नवलनी की विधवा यूलिया नवलनाया – रूस में लोकतंत्र और विरोध की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए।
ऑफिस फॉर डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशंस एंड ह्यूमन राइट्स (ODIHR) – चुनाव निगरानी और लोकतंत्र की रक्षा में सक्रिय।
संयुक्त राष्ट्र संस्थाएं – यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, यूएनएचसीआर, यूएनआरडब्ल्यूए।
वैश्विक न्याय और प्रेस स्वतंत्रता संस्थाएं – इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स, रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स।
विशेषज्ञों की राय:
इस बार विजेता का चयन चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि दुनिया भर में संघर्ष चरम पर हैं, जैसे गाजा संकट, भारत-पाकिस्तान तनाव, थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद। इतिहास में कभी-कभी नोबेल समिति ने आश्चर्यजनक नामों को पुरस्कार दिया है, इसलिए इस बार भी चौंकाने वाला फैसला हो सकता है।
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