World Rivers Day 2025:
नई दिल्ली, एजेंसियां। दुनिया भर में 28 सितंबर 2025 को विश्व नदी दिवस मनाया जा रहा है। नदियों का मानव जीवन में विशेष महत्व है। मानव सभ्यता की शुरुआत उन्हीं स्थानों पर हुई, जहां पानी आसानी से उपलब्ध था, और नदियों ने जीवन और विकास का आधार तैयार किया। भारत में नदियों को केवल जल स्रोत नहीं बल्कि देवी और मां के रूप में भी पूजा जाता है। यही कारण है कि नदियों का संरक्षण और उनके महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत जरूरी है।
विश्व नदी दिवस क्यों मनाया जाता है?
विश्व नदी दिवस हर साल सितंबर के चौथे रविवार को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को नदियों के महत्व के प्रति जागरूक करना और उन्हें संरक्षण की दिशा में प्रेरित करना है। नदियों का प्रदूषण, अवैध जल निकासी और बांधों जैसी जल-प्रबंधन परियोजनाएं उन्हें संकट में डाल रही हैं। इस दिन के माध्यम से लोग यह सोचते हैं कि कैसे नदियों को बचाया जा सकता है, उन्हें पुनर्स्थापित किया जा सकता है और उनका सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।
इस बार की थीम: “हमारी नदियां, हमारा भविष्य”
2025 के विश्व नदी दिवस की थीम “हमारी नदियां, हमारा भविष्य” रखी गई है। इस थीम के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि यदि हम आज नदियों की रक्षा नहीं करेंगे, तो आने वाला भविष्य संकट में होगा। नदियों के संरक्षण के बिना पानी की उपलब्धता, कृषि, जीवन और पर्यावरण सभी प्रभावित होंगे।
विशेषज्ञों का कहना
विशेषज्ञों का कहना है कि हमें नदियों की सफाई, जल संरक्षण, और उनके प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास करने होंगे। स्कूल, संगठन, सरकार और आम जनता को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि नदियों का स्वास्थ्य और जल गुणवत्ता स्थिर रहे।विश्व नदी दिवस न केवल नदियों के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि लोगों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित भी करता है, ताकि हमारी नदियां, हमारा भविष्य सुरक्षित और स्वच्छ बना रहे।
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