Breast milk donation:
नई दिल्ली,एजेंसियां। मां का दूध नवजात के लिए अमूल्य है और जब मां किसी कारण वश दूध पिलाने में असमर्थ होती है, तो दान किया गया ब्रेस्ट मिल्क नवजातों की जान बचाने में मदद करता है। भारत में कई संस्थाएं और अस्पताल ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन का काम करती हैं। आइए जानते हैं कहां और कैसे किया जाता है यह दान:
भारत में प्रमुख ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन संस्थाएं:
सायन अस्पताल, मुंबई भारत का पहला ह्यूमन मिल्क बैंक, जिसे “सुधा साल्वी ह्यूमन मिल्क बैंक” के नाम से जाना जाता है। 1989 में स्थापित यह बैंक नवजातों को मां के दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।

फोर्टिस ला फेम अस्पताल, दिल्ली
यहां अत्याधुनिक तकनीक से दूध संग्रह और सुरक्षित भंडारण होता है। यह नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती बच्चों के लिए दूध उपलब्ध कराता है।
अमराह मिल्क बैंक, हैदराबाद
एक प्रमुख प्राइवेट मिल्क बैंक जो विशेषकर समय से पहले जन्मे या बीमार शिशुओं के लिए दूध दान और वितरण करता है।
रोटरी क्लब दूध बैंक
भारत के कई रोटरी क्लब ग्रामीण और जरूरतमंद क्षेत्रों में ह्यूमन मिल्क बैंक को सपोर्ट कर रहे हैं।
दूध दान करने की शर्तें:
दूध देने वाली मां शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होनी चाहिए।
कोई संक्रामक रोग न हो।
दवा या नशे का सेवन नहीं होना चाहिए।
डॉक्टर की जांच और स्वीकृति के बाद ही दूध स्वीकार किया जाता है।
ब्रेस्ट मिल्क दान के फायदे:
समय से पहले जन्मे बच्चों की जान बचाने में मदद करता है।
मां के दूध में रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है जो शिशुओं को बीमारियों से बचाती है।
फॉर्मूला मिल्क पर निर्भरता कम होती है।
यह एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है, जिससे नन्हे जीवन में आशा की किरण जगती है।
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