Aja Ekadashi 2025: जो खोया वह फिर से जरूर मिलेगा, जानें हरिश्चंद्र की कथा

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Aja Ekadashi 2025:

नई दिल्ली, एजेंसियां। भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस साल अजा एकादशी 19 अगस्त 2025 को मनाई जाएगी, जिसकी शुरुआत 18 अगस्त शाम 5:22 बजे से होगी और यह 19 अगस्त दोपहर 3:32 बजे तक रहेगी। व्रत पारण का समय अगले दिन सुबह 5:53 से 8:29 बजे तक रहेगा। इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि अजा एकादशी व्रत रखने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। साथ ही, यह व्रत खोया हुआ सबकुछ वापस पाने का भी शुभ उपाय माना जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में चक्रवर्ती राजा हरिश्चंद्र के पास सब कुछ था, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्होंने सब कुछ खो दिया — उनका राजपाट, परिवार और धन-धान्य सब छूट गया। वे चांडाल के दासी बन गए। इस विपदा में गौतम ऋषि ने उन्हें भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी व्रत करने की सलाह दी। राजा ने विधि-विधान से यह व्रत रखा और भगवान विष्णु की भक्ति की। इसके प्रभाव से उनके सारे पाप नष्ट हुए, उनका परिवार और राजपाट पुनः लौट आया और मृत्यु के बाद उन्हें बैकुण्ठ की प्राप्ति हुई।

इसलिए अजा एकादशी व्रत का पालन श्रद्धा से करना चाहिए, ताकि जीवन में खोया हुआ पुनः प्राप्त हो और सुख-शांति बनी रहे। इस दिन व्रत के साथ हरिश्चंद्र की कथा का पाठ अनिवार्य माना जाता है।

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