High urea in blood test
नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आपके ब्लड टेस्ट में यूरिया का स्तर सामान्य से अधिक आया है, तो यह शरीर में प्रोटीन टूटने से बनने वाले अपशिष्ट पदार्थ के सही तरीके से बाहर न निकल पाने का संकेत हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में यूरेमिया कहा जाता है। यूरिया आमतौर पर लिवर में बनता है और किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के माध्यम से बाहर निकालती है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो खून में यूरिया बढ़ने लगता है।
विशेषज्ञों के अनुसार
विशेषज्ञों के अनुसार, यूरेमिया ज्यादातर क्रोनिक किडनी डिजीज या किडनी फेलियर के कारण होता है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां भी धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचाकर यूरिया स्तर बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा डिहाइड्रेशन, हार्ट फेलियर, लिवर की बीमारी या पेशाब रुकने जैसी समस्याएं भी ब्लड यूरिया बढ़ा सकती हैं। वयस्कों में सामान्य ब्लड यूरिया का स्तर 7 से 20 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर होता है। यदि यह स्तर लगातार 25 mg/dL से अधिक रहता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
यूरेमिया के लक्षणों में मतली, उल्टी, भूख न लगना, वजन घटना, सोचने और याद रखने में कठिनाई, लगातार थकान, सांस लेने में तकलीफ, मांसपेशियों में ऐंठन, खुजली और त्वचा पर पीले-सफेद क्रिस्टल शामिल हो सकते हैं। यूरिया के स्तर को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पानी पीना, प्रोटीन का संतुलित सेवन, नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करना, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना जरूरी है। सही खान-पान, लाइफस्टाइल सुधार और समय पर इलाज से यूरिया का स्तर नियंत्रित किया जा सकता है और किडनी को खराब होने से बचाया जा सकता है।







