War like situation:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत के पड़ोसी क्षेत्र में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। हाल ही में थाईलैंड ने कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर F-16 लड़ाकू विमानों से एयरस्ट्राइक की, जिसमें 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। थाई सेना ने दावा किया कि यह हमला आत्मरक्षा में किया गया, जब कंबोडियाई सेना ने थाई क्षेत्र पर भारी गोलीबारी और रॉकेट से हमला किया।
क्या है मामला ?
इस संघर्ष की जड़ें 12वीं सदी के प्रीह विहार मंदिर से जुड़ी हैं, जिसे लेकर दोनों देशों में दशकों से विवाद चला आ रहा है। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा बताया था, लेकिन थाई राष्ट्रवादी इसे नहीं मानते। इससे पहले 2008 और 2011 में भी इसी मुद्दे पर झड़पें हो चुकी हैं।इस बार संघर्ष ने नागरिक इलाकों को भी प्रभावित किया है। अस्पताल और सीमावर्ती गांवों में नुकसान हुआ है। मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है और UNSC की आपात बैठक की मांग की है।
तनाव इतना बढ़ गया
तनाव इतना बढ़ गया है कि दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजदूतों को निष्कासित कर दिया है। कंबोडिया ने नई सैन्य भर्ती शुरू कर दी है, जो दीर्घकालिक युद्ध की तैयारी का संकेत है। थाईलैंड ने चेतावनी दी है कि हमले जारी रहे तो जवाब और कठोर होगा।ASEAN और वैश्विक शक्तियां जैसे अमेरिका और चीन स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। यदि हालात नहीं सुधरे, तो यह स्थानीय युद्ध क्षेत्रीय संकट में बदल सकता है।
इसे भी पढ़ें








