Ladakh Violence: लेह में हिंसा, पत्थरबाजी और आगजनी

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लेह/लद्दाख, एजेंसियां। लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। इस हिंसा में कम से कम 4 लोगों की मौत हुई और 60 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 30 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने लेह में बीजेपी कार्यालय और कई गाड़ियों में आग लगाई और तोड़फोड़ की।

हिंसा की वजह

प्रमुख जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग। सोनम वांगचुक ने दो हफ्ते के अनशन के बाद इसे खत्म करने की घोषणा की, लेकिन सुबह से ही लेह में सभी दुकानें और कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच झड़पें हुईं।

प्रशासन की कार्रवाई

बीएनएसएस की धारा 163 के तहत 5 या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक। कांग्रेस नेता और पार्षद फुंटसोग स्टैंजिन त्सेपग पर भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति नियंत्रण में लाई। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लोगों से मीडिया और सोशल मीडिया पर पुराने भड़काऊ वीडियो साझा न करने की अपील की।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

विपक्षी दलों ने कहा कि इस मामले से संवेदनशीलता से निपटना जरूरी है। हिंसा के कारणों और इसके पीछे के लोगों की पहचान के लिए जमीनी स्तर पर विश्लेषण की आवश्यकता है। वाम दलों ने हिंसा के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार बताते हुए आलोचना की।

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