Vande Mataram 150 years:
नई दिल्ली, एजेंसियां। देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को 7 नवंबर, 2025 को 150 साल पूरे हो गए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि यह गीत आज भी हर भारतीय के दिल में राष्ट्रभक्ति की अमर ज्वाला प्रज्वलित करता है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की आवाज है, जिसने अंग्रेजी शासन के खिलाफ देशवासियों को एकजुट किया और स्वतंत्रता आंदोलन की चेतना को प्रबल किया।
अमित शाह ने नागरिकों से अपील की:
अमित शाह ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने परिवार के साथ मिलकर ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण गाएं, ताकि यह भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बना रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में इस वर्षभर चलने वाले राष्ट्रीय उत्सव का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे विशेष डाक टिकट और स्मारक सिक्का भी जारी करेंगे।
सरकार के बयान के अनुसार:
सरकार के बयान के अनुसार, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने यह गीत 7 नवंबर 1875 को ‘बंगदर्शन’ पत्रिका में पहली बार प्रकाशित किया था। बाद में इसे अपने उपन्यास ‘आनंदमठ’ (1882) में शामिल किया गया और रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे स्वरबद्ध किया। ‘वंदे मातरम’ आज भी भारत की सांस्कृतिक और राजनीतिक चेतना का अभिन्न हिस्सा है।
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