Makar Sankranti
श्रीनगर, एजेंसियां। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर वैष्णो देवी मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्राचीन गुफा मार्ग फिर से खोल दिया है। यह मार्ग तीर्थयात्रियों को गर्भगृह तक पहुंचने और माता के पवित्र पिंडियों के दर्शन करने का पारंपरिक अनुभव प्रदान करता है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि प्राचीन मार्ग खोलने का उद्देश्य तीर्थयात्रियों के लिए अध्यात्मिक अनुभव को बढ़ाना और भीड़ नियंत्रण को आसान बनाना है।
प्राचीन गुफा मार्ग की विशेषता
जम्मू के कटरा स्थित मां वैष्णो देवी धाम में खुला यह मार्ग ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु इस मार्ग के माध्यम से गर्भगृह तक पहुंच सकते हैं और माता के दर्शन का अद्भुत अनुभव ले सकते हैं। पिछले साल 2025 में वैष्णो देवी यात्रा के दौरान 70 लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए थे। नए साल 2026 के अवसर पर पहले ही दिन करीब 40 हजार श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंचे थे।
भक्तों और प्रशासन के लिए राहत
मंदिर प्रशासन ने बताया कि प्राचीन मार्ग खोलने से व्यस्त दिनों में तीर्थयात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना आसान होगा। इससे मुख्य मार्ग पर दबाव कम होगा और भक्त सुरक्षित एवं सहज तरीके से यात्रा कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए पर्याप्त स्टाफ और व्यवस्थाएं तैनात की हैं।
तीर्थयात्रा का आध्यात्मिक महत्व
प्राचीन मार्ग का लाभ उठाकर भक्त माता वैष्णो देवी के दर्शन के साथ-साथ अपनी तीर्थयात्रा को अधिक गहरा और यादगार अनुभव बना सकते हैं। यह कदम न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए, बल्कि धार्मिक और अध्यात्मिक अनुभव को समृद्ध करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर प्राचीन मार्ग खोलने से श्रद्धालुओं को पारंपरिक रास्ते से यात्रा करने का अवसर मिला है, जो उनकी भक्ति और श्रद्धा को और प्रगाढ़ करेगा।
