Char Dham Yatra registration:
देहरादून, एजेंसियां। उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब श्रद्धालुओं को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए फीस देनी होगी। इसके लिए गढ़वाल डिवीजन के एडिशनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है, जो शुल्क की अंतिम राशि तय करेगी।
फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने के लिए लिया गया फैसला
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे के अनुसार, फर्जी रजिस्ट्रेशन रोकने और यात्रा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए न्यूनतम 10 रुपये फीस लेने का सुझाव दिया गया है। कमेटी की रिपोर्ट और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद अंतिम शुल्क तय किया जाएगा।
यात्रा व्यवस्था को और व्यवस्थित बनाने की तैयारी
सरकार का कहना है कि हर साल लाखों श्रद्धालु चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराते हैं। कई बार फर्जी या डुप्लीकेट पंजीकरण के कारण वास्तविक यात्रियों को परेशानी होती है, इसलिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
चार धाम में शामिल मंदिर
चार धाम यात्रा में यमुनोत्री मंदिर, गंगोत्री मंदिर, केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर शामिल हैं। ये मंदिर हर साल गर्मियों में खुलते हैं और सर्दियों की शुरुआत में बंद हो जाते हैं। श्रद्धालु आमतौर पर यात्रा यमुनोत्री से शुरू कर घड़ी की दिशा में चारों धाम पूरे करते हैं।
यात्रा उतनी ही दिव्य, उतनी ही कठिन
चार धाम यात्रा धार्मिक रूप से बेहद पवित्र मानी जाती है, लेकिन ऊंचाई और मौसम के कारण यह शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण भी होती है। श्रद्धालु सड़क मार्ग या हेलीकॉप्टर सेवा के जरिए भी यात्रा पूरी कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, सरकार का उद्देश्य रजिस्ट्रेशन में शुल्क लगाकर फर्जी बुकिंग पर रोक लगाना और यात्रा को सुरक्षित व सुव्यवस्थित बनाना है। अब सभी की नजरें कमेटी की रिपोर्ट और सरकार द्वारा तय की जाने वाली अंतिम फीस पर टिकी हैं।













