UP budget 2026
लखनऊ, एजेंसियां। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट प्रस्तुत करते हुए सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का उल्लेख किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।
6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर
वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाया गया है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2016-17 के 54,564 रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 (त्वरित अनुमान) में 1,09,844 रुपये हो गई है, जो दोगुने से अधिक है। वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
जीएसडीपी और विकास दर
वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स में भी प्रदेश की रैंकिंग 2018-19 के 29वें स्थान से सुधरकर 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है।
निवेश और औद्योगिक प्रगति
सरकार के अनुसार, अब तक लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश की 16 हजार से अधिक परियोजनाओं के चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह संपन्न हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बन चुका है। देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश में बनता है। साथ ही, भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां भी प्रदेश में स्थित हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी प्राप्त हुई है।
कृषि और एग्री-एक्सपोर्ट हब
वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाखों किसानों को लाभ पहुंचाया गया है और रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया गया है। विश्व बैंक सहायतित यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री-एक्सपोर्ट हब स्थापित किए जाएंगे।
युवाओं के कौशल और रोजगार पर जोर
सरकार ने कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी है। बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण मिशन मोड में संचालित किया जाएगा। नए कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे और पीपीपी मॉडल पर जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे। महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए अलग प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि यह बजट निवेश, रोजगार, तकनीक, कृषि और बुनियादी ढांचे के माध्यम से विकास और विश्वास दोनों को मजबूत करेगा।








