Delhi riots case:
नई दिल्ली, एजेंसियां। दिल्ली दंगे से जुड़ी बड़ी साजिश के आरोपियों उमर खालिद, शरजील इमाम, और अन्य की जमानत याचिकाएं दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी हैं। अदालत ने 2020 में हुए दिल्ली दंगों से जुड़े यूएपीए (अशांति और आतंकवाद विरोधी कानून) के केस में इन आरोपियों को जमानत देने से मना कर दिया है।
दंगलों की साजिश:
यह मामला नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा हुआ है, जिनमें फरवरी 2020 में दिल्ली में हिंसा हुई थी। हिंसा में 53 लोगों की जान चली गई और 700 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ:
दिल्ली हाई कोर्ट की पीठ ने 9 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा था, जिसके बाद मंगलवार (2 सितंबर) को जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई। शरजील इमाम को पुलिस ने 25 अगस्त 2020 को गिरफ्तार किया था, जबकि उमर खालिद को 14 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता:
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी थी कि यह सिर्फ एक दंगा नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे भारत को वैश्विक स्तर पर बदनाम करने के लिए अंजाम दिया गया।यह मामला दिल्ली दंगों के पीछे की साजिश और उन दंगों को बढ़ावा देने के आरोपियों के खिलाफ है, जिनके बारे में अभियोजन पक्ष का कहना है कि उनका मकसद भारतीय लोकतंत्र को अस्थिर करना था।
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