Tu Ya Main movie review:
मुंबई, एजेंसियां। तू या मैं इस वीकेंड थिएटर में रिलीज हो चुकी है और अपनी अनोखी कहानी व टेंशन से भरे माहौल की वजह से चर्चा में है। निर्देशक बिजॉय नांबियार की यह फिल्म पारंपरिक रोमांटिक कहानी से अलग एक सर्वाइवल ड्रामा है, जिसमें प्यार और जिंदगी के बीच संघर्ष को रोमांचक तरीके से दिखाया गया है। फिल्म की कहानी दो सोशल-मीडिया इन्फ्लुएंसर्स अवनि और मारुति के इर्द-गिर्द घूमती है। अवनि का किरदार शनाया कपूर ने निभाया है, जो एक स्टाइल-कांशस जेन-जी लड़की है। वहीं मारुति के रोल में आदर्श गौरव नजर आते हैं, जो एक रैपर हैं और जिंदगी को ज्यादा वास्तविक नजरिए से देखते हैं। दोनों की अलग-अलग दुनिया और सोच के बीच एक अनोखी लव स्टोरी विकसित होती है।
कहानी में मोड़ कब आया?
कहानी में मोड़ तब आता है जब दोनों मुंबई से गोवा की यात्रा पर निकलते हैं, लेकिन खराब मौसम और परिस्थितियों के कारण उन्हें कोंकण के एक सुनसान रिसॉर्ट में रुकना पड़ता है। यहीं से फिल्म का असली रोमांच शुरू होता है, जब वे एक स्विमिंग पूल में फंस जाते हैं और उनका सामना एक विशाल मगरमच्छ से होता है। इसके बाद पूरी फिल्म इस सवाल के इर्द-गिर्द घूमती है कि आखिर कौन बचेगा “तू या मैं?”
निर्देशन फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है। बिजॉय नांबियार ने सीमित लोकेशन और कम किरदारों के बावजूद ऐसा माहौल तैयार किया है जो लगातार तनाव बनाए रखता है। बारिश, सन्नाटा और पानी के दृश्य मिलकर डर और क्लॉस्ट्रोफोबिया का प्रभाव पैदा करते हैं। पटकथा भी कसी हुई है, जिसमें छोटे-छोटे ट्विस्ट दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखते हैं।
अभिनय की बात करें
अभिनय की बात करें तो आदर्श गौरव का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली है। उनका किरदार स्वाभाविक और भरोसेमंद लगता है। शनाया कपूर ने भी अपने अभिनय से सकारात्मक प्रभाव छोड़ा है। सहायक कलाकारों और फिल्म में दिखाए गए पालतू कुत्ते का किरदार भी कहानी को भावनात्मक स्पर्श देता है।फिल्म के वीएफएक्स खास तौर पर उल्लेखनीय हैं। मगरमच्छ को जिस तरह दिखाया गया है, वह वास्तविक और डर पैदा करने वाला लगता है। यही तत्व फिल्म के थ्रिल को मजबूत बनाता है।
कुल मिलाकर, यह फिल्म सर्वाइवल-थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए एक अलग अनुभव साबित हो सकती है। हालांकि कुछ दृश्य थोड़े फिल्मी लगते हैं, लेकिन रोमांच और सस्पेंस के कारण फिल्म अंत तक बांधे रखती है।








