Amit Shah
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को टीएमसी के सांसदों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार विरोधी नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने टीएमसी के कई सांसदों को हिरासत में ले लिया, जिनमें डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा प्रमुख रूप से शामिल हैं।
महुआ मोइत्रा का केंद्र पर गंभीर आरोप
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ईडी की कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने ईडी का गलत इस्तेमाल किया है और एजेंसी को पार्टी की राजनीतिक और रणनीतिक जानकारी चुराने के लिए भेजा गया। महुआ ने कहा, “हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी किसी के सामने झुकने वाली नहीं हैं। उन्होंने हमारी पार्टी की संपत्ति और सम्मान की रक्षा की है।”
कीर्ति आज़ाद और टीएमसी का पलटवार
टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने भी केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले 11 वर्षों में टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियां कीं और अपने लोगों को फायदा पहुंचाया। टीएमसी नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सांसदों पर पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र को कुचलने की कोशिश है।
अमित शाह पर सीधा निशाना
टीएमसी ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सत्ता का घमंड है। पार्टी ने आरोप लगाया कि असहमति की आवाज को दबाने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। टीएमसी ने कहा कि ईडी के दुरुपयोग के बाद अब सांसदों पर कार्रवाई केंद्र सरकार की घबराहट को दिखाती है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ईडी ने गुरुवार को कोयला चोरी घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत कोलकाता में आई-पैक (I-PAC) के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के घर छापेमारी की थी। इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को चुनाव से पहले राजनीतिक बदले की भावना से किया गया कदम बताया।
ममता बनर्जी का बड़ा बयान
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनावों से पहले सक्रिय होती हैं और पार्टी का डेटा व दस्तावेज जब्त कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि टीएमसी इंसाफ और इंसानियत की लड़ाई लड़ती रहेगी और बंगाल कभी नहीं झुकेगा।

