Three sisters suicide case: पसलियां टूटीं, लिवर और दिल फटे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने

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Three sisters suicide case:

लखनऊ, एजेंसियां। गाजियाबाद में तीन सगी नाबालिग बहनों निशिका, प्राची और पाखी ने 80 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण उनकी सभी पसलियां टूट गईं और हृदय, लिवर, गुर्दा सहित अंदरूनी अंग फट गए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि किसी के शरीर पर पुराने घाव या चोट के निशान नहीं मिले। चिकित्सकों के अनुसार, अगर दूसरी बहन प्राची को तुरंत इलाज मिलता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। पोस्टमार्टम तीन चिकित्सकों के पैनल द्वारा किया गया, जिसमें एसीएमओ डॉ. अमित विक्रम, पीएससी के डॉ. नीरज और महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. संगीता शामिल थे। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने बताया कि गिरने के कारण शरीर से भारी मात्रा में रक्त बहा, जिससे मौत हुई।

जांच में क्या आया सामने?

जांच में सामने आया कि तीनों बहनों ने जिस कमरे की खिड़की से छलांग लगाई, वहां मां का मोबाइल फोन मिला था। हालांकि, साइबर टीम ने मोबाइल में कोई कोरियन गेम या एप नहीं पाया। पिता चेतन कुमार ने बताया कि बेटियां पिछले तीन साल से ऑनलाइन टास्क गेम खेलती थीं और कोरिया जाने की जिद करती थीं। उन्होंने कई बार बेटियों को समझाया, लेकिन वे जिद पर अड़ी रहीं। तीनों बहनों का व्यवहार बेहद एकराय और जिद्दी था। 14 वर्षीय प्राची समूह की लीडर मानी जाती थीं और हर निर्णय में उसकी राय प्रमुख रहती थी। परिवार और पड़ोसियों के अनुसार, बहनें सभी काम नहाना, खाना आदि साथ में करती थीं।

तीनों बहनों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया

पोस्टमार्टम के बाद तीनों बहनों के शवों का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर किया गया। पुलिस अब बेचे गए मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच और आईएमईआई नंबर के माध्यम से ट्रेस कर रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। घटना ने समाज और शिक्षा व्यवस्था के सामने गंभीर चेतावनी रख दी है, विशेषकर किशोरियों की मानसिक स्वास्थ्य और ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी की जरूरत को उजागर किया है।

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