Ayodhya Deepotsav: इस बार दीपोत्सव पर 26 लाख दीपों से रोशन होगी अयोध्या, बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड

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Ayodhya Deepotsav:

अयोध्या, एजेसियां। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस बार सरयू तट, राम की पैड़ी और अन्य घाटों को दीयों की अविश्वसनीय श्रृंखला से सजाकर एक अलौकिक दृश्य प्रस्तुत करने जा रहा है। राम नगरी का दीपोत्सव-2025 अपने ही पिछले कीर्तिमानों को तोड़ते हुए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अयोध्या में वर्ष 2017 से भव्य दीपोत्सव मनाया जा रहा है और इस बार दीपोत्सव-2025 में 26 लाख से अधिक दीयों के साथ सबसे बड़े दीप प्रज्वलन और सबसे बड़े आरती समारोह का आयोजन किया जाएगा।

Ayodhya Deepotsav: सांस्कृतिक वैभव को दर्शायेगाः

मंत्री ने कहा कि यह आयोजन अयोध्या के सांस्कृतिक वैभव को विश्व स्तर पर और मजबूती से प्रस्तुत करेगा।
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद, इस दीपोत्सव को भव्य और दिव्य बनाने के लिए विभाग द्वारा हर संभव तैयारी की जा रही है। आयोजन में सरयू तट पर अब तक की सबसे बड़ी आरती होगी, जिसमें 1,100 से अधिक धर्माचार्य, संत-महात्मा और नगरवासी सम्मिलित होंगे।

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Ayodhya Deepotsav: 222 दिन पहले शुरू हो जायेगी तैयारीः

तीन दिन पहले से स्थल पर तैयारियाँ शुरू हो जाएंगी और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के मानकों के अनुसार दीयों की सजावट, प्रज्वलन, गिनती और सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। छात्र-स्वयंसेवक इस पूरे आयोजन में गिनीज रिकॉर्ड के सफल संचालन में मदद करेंगे।

दीयों की संख्या की पुष्टि और रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग, अयोध्या जिला प्रशासन, अवध विश्वविद्यालय और अन्य संस्थाओं के बीच लगातार समन्वय किया जाएगा। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक मंडल की मौजूदगी में प्रक्रिया और साक्ष्यों का मिलान होगा। रिकॉर्ड की पुष्टि होने के बाद प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पर्यटन मंत्री सहित अन्य मंत्रियों को प्रदान किया जाएगा।

Ayodhya Deepotsav: यादगार बनाने की तैयारीः

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “अयोध्या दीपोत्सव केवल राज्य का ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का विश्वस्तरीय प्रतीक बन चुका है। दीयों की श्रृंखला न केवल श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कराती है, बल्कि विश्व बंधुत्व का संदेश भी देती है।” मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा, “दीपोत्सव हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं को प्रदर्शित करता है। इस वर्ष आयोजित दीपोत्सव को और भव्य बनाने की तैयारी है, ताकि यह देश-विदेश के पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बने।

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