Human body: इंसानी शरीर से गायब हो सकते हैं ये 5 अंग, वैज्ञानिकों ने जताई आशंका

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नई दिल्ली, एजेंसियां। जैसे-जैसे तकनीक और जीवनशैली में बदलाव आ रहा है, इंसानी शरीर की जरूरतें भी धीरे-धीरे बदल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले हज़ारों वर्षों में इंसान के शरीर के कुछ अंग या तो पूरी तरह खत्म हो सकते हैं या फिर बेमतलब होकर रह जाएंगे। इसका मुख्य कारण है – बदलता खानपान, पर्यावरण और हमारी आधुनिक जीवनशैली। आइए जानते हैं वो कौन-कौन से अंग हैं जिनके विलुप्त होने की आशंका वैज्ञानिक जता रहे हैं।

बाल (Body Hair) – पहले शरीर के बाल ठंड से बचाव और सुरक्षा के लिए जरूरी थे, लेकिन आज के समय में कपड़े, घरों में गर्मी और सौंदर्य कारणों से इनकी अहमियत कम हो गई है। इसलिए धीरे-धीरे शरीर से बालों का घनत्व कम हो रहा है और भविष्य में ये खत्म हो सकते हैं।

विसडम टूथ (Wisdom Tooth) – यह दांत पहले कठोर और कच्चा भोजन चबाने के लिए उपयोगी थे, लेकिन अब हमारा भोजन पका हुआ और नरम हो गया है। नतीजतन, लोगों में अब ये दांत आना भी कम हो गया है और आगे चलकर पूरी तरह समाप्त हो सकते हैं।

टेलबोन (Tailbone) – यह हमारे पूर्वजों की पूंछ का अवशेष है, जो अब किसी काम का नहीं रहा। हम अब ज़मीन या पेड़ पर नहीं बैठते, बल्कि समतल कुर्सियों और सोफों पर बैठते हैं, जिससे इसकी उपयोगिता लगभग समाप्त हो गई है।

अपेंडिक्स (Appendix) – अपेंडिक्स कभी फाइबरयुक्त और कठिन भोजन को पचाने में मदद करता था, लेकिन अब हमारा भोजन काफी हल्का और पचने में आसान होता है। इससे इसकी जरूरत नहीं रह गई और यह एक निष्क्रिय अंग में बदल गया है।

कान की मांसपेशियां – पूर्वजों के लिए यह मांसपेशियां आवाज़ की दिशा समझने और खतरे से बचने में मदद करती थीं, लेकिन अब इनके बिना भी हम सुरक्षित हैं। इसलिए अब ये मांसपेशियां निष्क्रिय होती जा रही हैं।

शोधकर्ताओं का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली, खानपान और तकनीकी सहूलियतों के चलते इंसान का शरीर खुद को नए माहौल के मुताबिक ढाल रहा है। आने वाले वक्त में इंसानी शरीर का स्वरूप पहले से अलग हो सकता है। हालांकि, ये परिवर्तन प्राकृतिक हैं और लाखों सालों में धीरे-धीरे होते हैं।

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