Commonwealth Games:
गांधीनगर, एजेंसियां। अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलने जा रही है, जो भारत के लिए गर्व का बड़ा मौका है। यह दूसरी बार होगा जब भारत इन खेलों की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में दिल्ली ने शानदार आयोजन किया था, जिसने देश की मेजबानी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित किया। अहमदाबाद में होने वाले इस आयोजन से न सिर्फ देश के युवा खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा, बल्कि खेलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई ऊंचाई मिलेगी। इसका आधिकारिक ऐलान नवंबर में ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स महासंघ की आम सभा में किया जाएगा।
जसपाल राणा: शूटिंग का दिग्गज
भारत के सबसे सफल कॉमनवेल्थ खिलाड़ी जसपाल राणा हैं। उन्होंने कुल 15 मेडल अपने नाम किए हैं, जिनमें 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं। 1990 के दशक और 2000 के शुरुआती वर्षों में राणा ने भारत को शूटिंग में नई पहचान दिलाई। उनकी निरंतरता और उत्कृष्ट प्रदर्शन ने भारतीय शूटिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया।
शरत कमल: टेबल टेनिस का बादशाह
जसपाल राणा के बाद टेबल टेनिस स्टार अचंता शरत कमल का नाम आता है। उन्होंने अब तक 13 मेडल जीते हैं, जिनमें 7 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज शामिल हैं। शरत कमल ने 2006 मेलबर्न से लेकर 2022 बर्मिंघम तक लगातार भारत का परचम लहराया और भारतीय टेबल टेनिस में अपनी खास पहचान बनाई।
महिलाओं में अंजलि भागवत का जलवा
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की सबसे सफल महिला खिलाड़ी शूटर अंजलि भागवत हैं। उन्होंने 10 मेडल जीते हैं, जिनमें 6 गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं। उनके प्रदर्शन ने भारतीय महिला शूटिंग को वैश्विक स्तर पर मजबूती दी।
अन्य प्रमुख खिलाड़ी
विजय कुमार ने कॉमनवेल्थ में 8 मेडल अपने नाम किए, जबकि संजीव राजपूत ने 7 मेडल जीते, जिनमें 3 गोल्ड, 3 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल हैं।
भारत का कॉमनवेल्थ सफर
अब तक भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 564 मेडल जीते हैं, जिनमें 203 गोल्ड, 190 सिल्वर और 171 ब्रॉन्ज शामिल हैं। ऑस्ट्रेलिया (2596 मेडल) और इंग्लैंड (2322 मेडल) के बाद भारत तीसरा सबसे सफल देश बन चुका है। अहमदाबाद 2030 में इस यात्रा को और आगे बढ़ाने
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