Teachers’ Day 2025:शिक्षक दिवस 2025: डॉ. राधाकृष्णन और शिक्षकों की अहमियत

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Teachers’ Day 2025:

नई दिल्ली, एजेंसियां। हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान शिक्षक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन पर आयोजित किया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन का मानना था कि शिक्षक की पहचान अन्य पदों और उपलब्धियों से ऊपर होती है। राष्ट्रपति रहते उनके शिष्यों ने उनके जन्मदिन पर उत्सव मनाने की इच्छा जताई, तो उन्होंने इसे शिक्षक दिवस के रूप में मनाने की सलाह दी।

डॉ. राधाकृष्णन का शिक्षण जीवन:

Teachers’ Day 2025:

21 वर्ष की अल्पायु में दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त। मैसूर प्रेसीडेंसी कॉलेज, मैसूर विश्वविद्यालय और आंध्र विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। उनका मानना था कि ज्ञान और शिक्षा ही मानव जीवन को आनंद और स्वतंत्रता प्रदान करती हैं।

अन्य राष्ट्रपति और शिक्षक पृष्ठभूमि:

Teachers’ Day 2025:

  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद: बिहार के लंगट सिंह कॉलेज में अंग्रेजी प्रोफेसर और बाद में प्राचार्य।
  • डॉ. जाकिर हुसैन: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति और राष्ट्रवाद के शिक्षाविद।
  • डॉ. शंकरदयाल शर्मा: भोपाल विश्वविद्यालय में कानून के प्रोफेसर।
  • के. आर. नारायणन: कई वर्षों तक शिक्षण में सक्रिय।
  • ए. पी. जे. अब्दुल कलाम: अन्ना विश्वविद्यालय में प्रौद्योगिकी और सामाजिक परिवर्तन के प्रोफेसर।
  • डॉ. प्रणब मुखर्जी: कलकत्ता विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के शिक्षक।

कठिनाइयां जीवन में दृष्टिकोण देती हैं और सफलता का आनंद बढ़ाती हैं। लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत करने पर सफलता अवश्य मिलती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान नहीं, बल्कि मानवता और नैतिकता का विकास भी है। इस शिक्षक दिवस पर देशभर में शिक्षकों के योगदान और उनके महत्व को याद किया जाता है, और उनकी समस्याओं के निवारण पर भी विचार-विमर्श किया जाता है।

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