Shardiya Navratri में घट स्थापना में बरतें ये सावधानी

2 Min Read

Shardiya Navratri:

नई दिल्ली,एजेंसियां। शारदीय नवरात्रि 2025 के शुभ अवसर पर घट स्थापना का महत्व बेहद अधिक है। नवरात्रि के पहले दिन ही घट स्थापना की जाती है, जिसे पवित्र और शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मिट्टी के कलश में घट स्थापना करने से ही माता रानी प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख, समृद्धि और आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

Shardiya Navratri: घट स्थापना का सही तरीका

शास्त्रों के अनुसार घट स्थापना मिट्टी के कलश में ही करनी चाहिए। कलश में शुद्ध जल भरा जाता है, उसमें 9 आम के पत्ते रखे जाते हैं और उसके ऊपर पानी वाला नारियल रखा जाता है। कलावा बांधकर इसे पवित्र तरीके से स्थापित किया जाता है। पुरानी परंपरा के अनुसार यही विधि माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा में सबसे अधिक शुभ मानी जाती है।

Shardiya Navratri: अन्य धातु के कलश से नुकसान

वर्तमान समय में कई लोग स्टील या अन्य धातु के कलश का उपयोग करने लगे हैं। धार्मिक ग्रंथों और मान्यताओं के अनुसार यदि घट किसी अन्य धातु के कलश में स्थापित किया जाए, तो नवरात्रि व्रत का फल प्राप्त नहीं होता। केवल मिट्टी का कलश माता रानी को प्रसन्न करने और व्रत के लाभ देने में सक्षम माना गया है।

Shardiya Navratri: मिट्टी के कलश का धार्मिक महत्व

मिट्टी के कलश में जल, आम के पत्ते और नारियल रखना पांच तत्वों—अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी और आकाश—का प्रतीक माना जाता है। इसे सृष्टि के निर्माण और संतुलन का प्रतीक भी माना जाता है। इस विधि से घट स्थापना करने से न केवल पूजा पवित्र रहती है बल्कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता रानी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

इसलिए भक्तों को नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना करते समय सावधानी बरतते हुए केवल मिट्टी के कलश का उपयोग करना चाहिए, ताकि माता रानी का आशीर्वाद सदैव प्राप्त हो।

इसे भी पढ़ें

Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि से पहले घर से हटाएं ये 5 चीजें, बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा


Share This Article
Exit mobile version