Syeda Hamid:
नई दिल्ली, एजेंसियां। प्रसिद्ध एक्टिविस्ट और पूर्व योजना आयोग सदस्य सैयदा हामिद के हालिया बयान ने राजनीति और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। हामिद ने बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को भारत में बसाने की पैरवी करते हुए कहा कि “अल्लाह ने यह धरती इंसानों के लिए बनाई है, और बांग्लादेशी भी इंसान हैं, उन्हें यहां क्यों नहीं रहना चाहिए?” इस बयान ने तुरंत विवाद को जन्म दिया है, खासकर उस समय जब केंद्र सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी नीति अपनाई है।
हामिद का बयान:
सैयदा हामिद ने असम में चल रही बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की आलोचना की। उनका कहना था कि असम अब राक्षस जैसा हो गया है, जहां मुसलमानों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक माहौल बना है। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेशियों को हटाना अमानवीय है और यह मानवता के खिलाफ है। उनका यह बयान खासकर उस समय आया जब असम सरकार अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया में जुटी हुई है।
बीजेपी और असम सरकार की प्रतिक्रिया:
बीजेपी और असम सरकार ने हामिद के बयान को तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता राकेश सिन्हा ने इसे “राष्ट्र विरोधी बयान” करार देते हुए कहा, “अगर उन्हें बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए इतना ही प्रेम है, तो उन्हें 7 दिन बांग्लादेश में रहकर देखना चाहिए।” केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कहा कि मानवता के नाम पर गुमराह किया जा रहा है, और अवैध घुसपैठियों का समर्थन किसी भी सूरत में नहीं किया जा सकता।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने हामिद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बांग्लादेशी घुसपैठियों का असम में स्वागत नहीं होगा। हम अपनी राज्य की पहचान और सुरक्षा के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़ेंगे।”
सैयदा हामिद का राजनीतिक इतिहास
सैयदा हामिद एक प्रतिष्ठित महिला अधिकार कार्यकर्ता, शिक्षाविद और लेखिका हैं। वे यूपीए सरकार के दौरान योजना आयोग की सदस्य रही थीं और राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य भी रही हैं। उन्हें महिला अधिकारों के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए पद्मश्री पुरस्कार भी मिला था। हामिद को प्रगतिशील विचारों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस मामले में उनके बयान ने उन्हें भारी आलोचनाओं का सामना कराया है।
यह विवाद अब राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठियों की पहचान पर गहरा असर डालने की संभावना रखता है। यह देखना होगा कि सैयदा हामिद के इस बयान के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव क्या होंगे।
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