Swami Avimukteshwaranand Saraswati:
नई दिल्ली, एजेंसियां। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आई है। प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद के बाद वह पिछले छह दिनों से अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं। लगातार ठंड में खुले आसमान के नीचे रहने के कारण उन्हें तेज बुखार, सर्दी और अत्यधिक थकान की शिकायत बताई जा रही है।
शिष्यों के अनुसार
शिष्यों के अनुसार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एलोपैथिक दवाएं नहीं लेते, इसलिए उनका आयुर्वेदिक उपचार किया जा रहा है। फिलहाल दवाइयों के बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई है और स्वास्थ्य कारणों से लोगों से मुलाकात सीमित कर दी गई है। बताया जा रहा है कि वह अपने शिविर गेट पर खड़ी फोर्स वैन में विश्राम कर रहे हैं। अब तक उनकी सेहत को लेकर कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन या प्रशासनिक बयान जारी नहीं हुआ है, जिससे अनुयायियों में चिंता बनी हुई है।
मौनी अमावस्या के दिन प्रशासन द्वारा उनकी पालकी रोके जाने को लेकर विवाद
गौरतलब है कि मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान के लिए जाते समय मेला प्रशासन द्वारा उनकी पालकी रोके जाने को लेकर विवाद हुआ था। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों ने प्रशासन पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। इसके बाद से वह सार्वजनिक माफी और सम्मानपूर्वक स्नान कराए जाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है, जबकि संत समाज ने शांति और संवाद से समाधान निकालने की अपील की है।







