Stray dogs: आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का कहर: जो अपने लिए लड़ नहीं सकते, उनके लिए लड़ो

Anjali Kumari
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Stray dogs:

नई दिल्ली, एजेंसियां। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत 8 हफ्ते के भीतर 5,000 स्ट्रीट डॉग्स को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इस आदेश ने कुत्तों के प्रति दया रखने वालों को परेशान कर दिया है, क्योंकि उनका मानना है कि इस प्रक्रिया में कुत्तों पर अत्याचार किया जा सकता है।

क्या है मामला?

दिल्ली और एनसीआर में डॉग लवर्स और आवारा कुत्तों को कंट्रोल करने वालों के बीच एक गंभीर विवाद पैदा हो गया है। डॉग लवर्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश बेजुबान जानवरों के प्रति क्रूरता को बढ़ावा देगा, जबकि दूसरी ओर, आवारा कुत्तों से परेशान लोग इंसानी जिंदगी की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहे हैं। वे बताते हैं कि स्ट्रे डॉग्स के कारण कई बच्चों और नागरिकों को हमला झेलना पड़ा है, और कई लोग रेबीज जैसी बीमारियों का शिकार हो चुके हैं।

डॉग्स पर खर्च और शेल्टर की कमी

मौजूदा समय में, MCD (म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली) आवारा कुत्तों के रख-रखाव पर मात्र 16 करोड़ रुपये खर्च करती है, जो कि इस समस्या के समाधान के लिए काफी कम है। दिल्ली और NCR में 10 लाख स्ट्रे डॉग्स हैं, जिनके लिए शेल्टर्स की जरूरत है, लेकिन 400 एकड़ जमीन और सालाना 1400 करोड़ रुपये का खर्च किसे वहन करना होगा, इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

कुत्तों के लिए क्या किया जाए?

इस समय न तो शेल्टर्स उपलब्ध हैं, न ही उचित फंडिंग है, और न ही कोई ठोस योजना। ऐसे में, सवाल यह है कि इन कुत्तों के साथ क्या किया जाए? क्या इन्हें सड़कों से हटा दिया जाए, या फिर इन्हें मरने के लिए छोड़ दिया जाए? डॉग लवर्स का मानना है कि यह समस्या सिर्फ आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने से हल नहीं हो सकती। वे कहते हैं कि शेल्टर्स का सुझाव व्यर्थ है, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर इसका संचालन संभव नहीं है।

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर?

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को लेकर बहस छिड़ गई है, और कई लोग इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। डॉग लवर्स का कहना है कि “जो बेजुबान जानवर अपने दर्द को नहीं समझा सकते, उनके लिए हमें आवाज उठानी चाहिए।” उनका मानना है कि जितने कुत्ते स्वस्थ और वैक्सीनेटेड हैं, उन्हें बिना कारण शेल्टर में बंद करना सही नहीं है।

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