Karur stampede:
नई दिल्ली, एजेंसियां। तमिलनाडु के करूर में अभिनेता-राजनेता विजय की रैली के दौरान मची भगदड़ में 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इस मामले में तमिलागा वेट्री कजगम (TVK) ने सुप्रीम कोर्ट में स्वतंत्र जांच की याचिका दाखिल की थी। अदालत ने अब सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं और इस प्रक्रिया की निगरानी पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी को सौंपी गई है।
याचिका और मांगें:
TVK का कहना था कि केवल तमिलनाडु पुलिस की एसआईटी से जनता का भरोसा नहीं बनेगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि भगदड़ पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया था कि जांच पूर्व जज की निगरानी में हो।
पूर्व जज करेंगे निगरानी:
सुप्रीम कोर्ट ने TVK की मांग मानते हुए पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी को सीबीआई जांच की निगरानी करने वाली समिति का प्रमुख नियुक्त किया। इस याचिका को TVK के सचिव आधव अर्जुना ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया था।
एफआईआर और आरोप:
भगदड़ के तुरंत बाद करूर पुलिस ने TVK के कई नेताओं पर हत्या, हत्या के प्रयास और जान जोखिम में डालने जैसे आरोपों में एफआईआर दर्ज की। इसमें करूर (उत्तर) जिला सचिव माधियाझगन, जनरल सेक्रेटरी बसी आनंद, और ज्वाइंट जनरल सेक्रेटरी CTR निर्मल कुमार शामिल हैं।
भीड़ की अनियंत्रित स्थिति:
रैली में विजय देर से पहुंचे, जबकि लोग कई घंटे से इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने आयोजकों को बस को निर्धारित स्थान से कम से कम 50 मीटर पहले रोकने के निर्देश दिए थे, लेकिन बस तय जगह पर ही खड़ी रही, जिससे भीड़ असंतुष्ट हो गई और भगदड़ मच गई।
अनुमति उल्लंघन और व्यवस्थाओं की कमी:
TVK ने रैली के लिए 10,000 लोगों की अनुमति मांगी थी, लेकिन लगभग 25,000 लोग जमा हो गए। पुलिस ने कहा कि पार्टी ने पर्याप्त पानी, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं नहीं की और अनुमति की शर्तों का पालन नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब करूर भगदड़ की जांच सीबीआई और पूर्व जज की निगरानी में होगी। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में संपूर्ण और पारदर्शी जांच होगी और दोषियों को कानूनी कार्रवाई के तहत सजा मिलेगी।
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