Ahmedabad plane crash:
नई दिल्ली, एजेंसियां। अहमदाबाद विमान हादसे से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, डीजीसीए और अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है। यह याचिका जून में हुए एयर इंडिया बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान हादसे में मारे गए पायलट-इन-कमांड कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता ने दायर की है। इस दुर्घटना में 260 लोगों की मौत हुई थी। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि विमान हादसे की जांच एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में निष्पक्ष, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ तरीके से कराई जाए।
न्यायमूर्ति जॉयमल्य बागची की पीठ ने कहा:
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्य बागची की पीठ ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है, लेकिन किसी को भी यह नहीं मानना चाहिए कि हादसे की जिम्मेदारी पायलट की थी। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “भारत में कोई भी यह नहीं मानता कि यह पायलट की गलती थी। पायलट के पिता को यह बोझ नहीं उठाना चाहिए कि उनके बेटे पर आरोप लगाया जा रहा है।” वकील गोपाल शंकरनारायणन, जो पायलट के पिता की ओर से पेश हुए, ने अदालत से कहा कि “चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन जांच अभी भी स्वतंत्र नहीं है, जबकि रूल 12 के अनुसार इसे निष्पक्ष होना चाहिए।”
सुप्रीम कोर्ट ने कहा:
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की अगली सुनवाई 10 नवंबर को होगी, जब एक अन्य जुड़ी हुई याचिका के साथ इसे सुना जाएगा। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में पायलट की गलती के संकेत दिए जाने पर कोर्ट ने कहा कि भारत ऐसी विदेशी रिपोर्टों पर ध्यान नहीं देता और यह “खराब रिपोर्टिंग” है। अदालत ने दोहराया कि पायलट को किसी भी प्रकार से दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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