Border 2: ‘बॉर्डर 2’ की सफलता के बाद सनी देओल हुए भावुक, बोले कैसे संघर्ष और मेहनत ने इंडस्ट्री में बनाए उनके पांव

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मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सनी देओल इन दिनों अपने करियर के सुनहरे दौर से गुजर रहे हैं। 2023 में रिलीज हुई ‘गदर 2’ की अपार सफलता के बाद उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई। इसके बाद वह ‘जाट’ में नजर आए और अब हाल ही में रिलीज हुई ‘बॉर्डर 2’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया। इस सफलता के बीच सनी देओल ने एक इंटरव्यू में अपने लंबे करियर और संघर्षों पर खुलकर बात की और भावुक भी हो गए।

सनी देओल का करियर

सनी देओल ने साल 1983 में फिल्म ‘बेताब’ से अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। 80 और 90 के दशक में उन्होंने कई हिट फिल्में दी और बॉक्स ऑफिस पर राज किया। 2000 के दशक की शुरुआत में ‘गदर’ जैसी फिल्मों से उन्हें एक बार फिर पहचान मिली, लेकिन इसके बाद लगभग दो दशक तक उन्हें बड़ी सफलता का इंतजार करना पड़ा। अब 68 साल की उम्र में भी वह बड़े पर्दे पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं और दर्शकों का प्यार पा रहे हैं।

इंटरव्यू में सनी देओल ने क्या कहा

इंटरव्यू में सनी देओल ने कहा, “मैं इस इंडस्ट्री में कई सालों से हूं। उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं यहां अपने काम की वजह से हूं। चाहे आप किसी भी फील्ड में हों, मेहनत करते रहना और करते रहना चाहिए।” उन्होंने यह भी बताया कि अनुभव और समय के साथ सफलता का नजरिया बदलता है। वर्षों के संघर्ष के बाद जब कोई फिल्म सफल होती है, तो इंसान किस्मत पर विश्वास करना सीखता है, जबकि पहले वह केवल यह सोचता रहता है कि वह अपनी किस्मत खुद बनाएगा।सफलता के बाद भी सनी देओल ने अपने आप को जमीन से जुड़ा रखा। उन्होंने कहा कि ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग में सेना के जवानों को बुलाना और दर्शकों की प्रतिक्रिया ने उन्हें बेहद भावुक कर दिया। एक दर्शक ने तो फिल्म दो बार देखने की बात कही, जिसे सुनकर अभिनेता का मन भर आया।

अब सनी देओल के पास कई बड़े प्रोजेक्ट हैं

अब सनी देओल के पास कई बड़े प्रोजेक्ट हैं, जिनमें ‘गबरू’, ‘इक्का’, ‘रामायण’ और ‘लाहौर 1947’ शामिल हैं। खास बात यह है कि ‘इक्का’ से वह ओटीटी पर भी डेब्यू कर रहे हैं, और यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।सनी देओल की कहानी इस बात का सबूत है कि बॉलीवुड में लंबे समय तक टिके रहने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, समर्पण और धैर्य भी जरूरी है। उनकी सफलता और संघर्ष की कहानी आज भी कई युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

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