Stock market:
नई दिल्ली, एजेंसियां। केंद्रीय बजट 2026 पेश होने के बाद शेयर बाजार में जबरदस्त हाहाकार देखने को मिला। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण के दौरान जैसे ही फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) ट्रेड पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान हुआ, वैसे ही बाजार में तेज बिकवाली शुरू हो गई। इसका असर यह रहा कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दिन के निचले स्तर पर पहुंच गए।
STT बढ़ते ही टूटा बाजार का संतुलन
बजट में फ्यूचर्स ट्रेड पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया। वहीं, ऑप्शंस प्रीमियम पर STT को 0.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किया गया है। इस घोषणा के बाद ट्रेडर्स और निवेशकों में घबराहट दिखी और बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली शुरू हो गई, जिससे बाजार पर भारी दबाव बना।
सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट
BSE सेंसेक्स कारोबार के दौरान करीब 1500 अंक तक लुढ़क गया और दिन के निचले स्तर 81,129 के आसपास पहुंच गया। यह गिरावट करीब 1.39 प्रतिशत की रही। वहीं, NSE निफ्टी 50 भी 356 अंक या लगभग 1.41 प्रतिशत टूटकर 24,965 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की हालत खराब
बजट के असर से केवल बेंचमार्क इंडेक्स ही नहीं, बल्कि ब्रॉडर मार्केट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में करीब 2.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.4 प्रतिशत तक की भारी कमजोरी देखने को मिली। इससे साफ है कि छोटे और मझोले शेयरों में बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा।
निवेशकों में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि F&O से जुड़े टैक्स बढ़ने से शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी, जिसका असर बाजार की धारणा पर पड़ा है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों और बाजार की स्थिरता पर रहेगी। फिलहाल बजट के बाद शेयर बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।












