Karnataka’s Dharmasthala: कर्नाटक के धर्मस्थल में SIT ने सातवें स्थान पर सामूहिक कब्रों की खुदाई शुरू की

3 Min Read

Karnataka’s Dharmasthala:

बैंगलोर, एजेंसियां। कर्नाटक के मंदिर नगरी धर्मस्थल में सामूहिक कब्रों के मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) ने शुक्रवार को सातवें चिह्नित स्थान पर खोदाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उस जांच का हिस्सा है जिसमें कुल 15 संभावित कब्र स्थलों की पहचान की गई है। एसआईटी ने इस काम के लिए अतिरिक्त श्रमिक और मशीनरी तैनात कर खोदाई की गति बढ़ा दी है। इससे पहले छठे स्थान पर खोदाई के दौरान मानव कंकाल मिले थे, जिनके फोरेंसिक विश्लेषण के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

विशेषज्ञों का कहना है

मंगलुरु के फोरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि मृत्यु के कारणों को जानने या यह पुष्टि करने के लिए कि क्या शव दुर्भावनापूर्ण इरादे से दफनाए गए थे, पूरे या लगभग पूरे मानव कंकाल का होना जरूरी है। केवल आंशिक हड्डियां कानूनी रूप से पर्याप्त नहीं होतीं।

ग्राम पंचायत के अधिकारियों ने बतायाधर्मस्थल ग्राम पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि 1995 से अब तक गांव के कई हिस्सों में 200 से अधिक लावारिस या अज्ञात शव दफनाए गए हैं। कब्रिस्तान के लिए कोई तय जगह न होने के कारण ये शव नदी के किनारे, जंगल या सरकारी जमीन पर दफनाए जाते थे।यह जांच दस्तावेजी सबूतों और जमीनी स्तर की जानकारी पर आधारित है। छठे स्थान पर कंकाल मिलने के बाद एसआईटी ने निगरानी बढ़ा दी है ताकि कोई साक्ष्य नष्ट या छेड़छाड़ न हो।

दो दशकों से सामूहिक हत्याकांड, दुष्कर्म

धर्मस्थल में पिछले दो दशकों से सामूहिक हत्याकांड, दुष्कर्म और शव दफनाने के आरोप लगे हैं, जिनकी जांच के लिए राज्य सरकार ने SIT गठित की है। शिकायतकर्ता, एक पूर्व सफाई कर्मचारी, जिसने 1995-2014 के बीच काम किया था, ने बताया कि उसे महिलाओं और नाबालिगों समेत कई लोगों के शव दफनाने के लिए मजबूर किया गया था। उसने कुछ शवों पर यौन उत्पीड़न के निशान होने का भी दावा किया है। इस संबंध में उसने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया है।

इसे भी पढ़ें

Karnataka CM post: कर्नाटक में CM पद को लेकर विवाद गहराया, डिप्टी CM शिवकुमार के करीबी MLA का दावा- 100 विधायक साथ

Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं