Night in Navratri:
नई दिल्ली, एजेंसियां। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि का महापर्व 22 सितंबर 2025 से शुरू हो रहा है। यह नौ दिन की मां दुर्गा की उपासना का पर्व है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की शक्ति खासकर रातों में निहित होती है। रात के समय ब्रह्मांडीय ऊर्जा अपने चरम पर होती है और दिव्य स्त्री ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है।
‘रात्रि’ शब्द का अर्थ
‘रात्रि’ शब्द का अर्थ केवल रात नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और अंतर्मुखी होने का समय भी माना जाता है। दिन में ऊर्जा बाहरी दुनिया में व्यस्त रहती है, जबकि रात का शांत वातावरण ध्यान, मंत्र जाप और आत्म-चिंतन के लिए अनुकूल होता है। इसीलिए नवरात्रि की रातों में साधना का विशेष महत्व है।
रात्रि का समय
रात्रि का समय तंत्र साधना, मंत्र सिद्धि और अन्य गुप्त साधनाओं के लिए भी श्रेष्ठ माना जाता है। इन नौ रातों में साधना करने से साधक को आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और देवी की असीम कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। इसके अलावा, यह समय ब्रह्मांडीय और सात्विक ऊर्जा से गहरा जुड़ाव भी प्रदान करता है।
नवरात्रि की रातों में
नवरात्रि की रातों में साधना करने से साधक को केवल आध्यात्मिक लाभ ही नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति और संतुलन भी मिलता है। यह हमें याद दिलाती है कि सच्ची भक्ति और शक्ति बाहरी शोर में नहीं, बल्कि मन की शांति और गहराई में है।
इसे भी पढ़ें
Shardiya Navratri 2025: नवरात्रि से पहले घर से हटाएं ये 5 चीजें, बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा








