Siddharth Singh: बक्सर के सिद्धार्थ सिंह बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट, राष्ट्रपति का रजत पदक जीता

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सासाराम, एजेंसियां। डीबीएस ऑटोमोबाइल्स (टाटा मोटर्स) सासाराम के जीएम सुनील कुमार सिंह के पुत्र सिद्धार्थ सिंह ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने परिवार की सैन्य परंपरा को आगे बढ़ाया है। 30 नवंबर 2025 को महाराष्ट्र के पुणे जिले के खडगवासला स्थित एनडीए ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में सिद्धार्थ ने सफलता प्राप्त की और राष्ट्रपति का रजत पदक जीतकर पासिंग आउट कोर्स का सर्वश्रेष्ठ कैडेट बनने का गौरव हासिल किया।

सिद्धार्थ की प्रारंभिक शिक्षा

सिद्धार्थ की प्रारंभिक शिक्षा राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कालेज (RIMC), देहरादून से हुई, जहाँ वे कैडेट कैप्टन भी रहे। अब वे भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून में एक वर्ष के प्री-कमीशन प्रशिक्षण के लिए जाएंगे, जिसके बाद वे भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल होंगे। सिद्धार्थ का परिवार भी सेना और सेवा-भाव में जुड़ा हुआ है।

उनके बड़े भाई फ्लाइट लेफ्टिनेंट समर्थ सिंह वर्तमान में भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट हैं। दादा सीता राम सिंह, डुमरांव डीके कॉलेज में प्रधान लिपिक रहे, जबकि नाना राम सुरेश सिंह भारतीय वायुसेना के पूर्व वारंट ऑफिसर हैं। चाचा अनिल सिंह सेना में सूबेदार हैं। पिता सुनील कुमार सिंह डीबीएस ऑटोमोबाइल्स में जनरल मैनेजर हैं और माता सुमन सिंह गृहिणी हैं।

सिद्धार्थ ने एनडीए प्रशिक्षण को समग्र और कठोर बताया, जिसमें सुबह की पीटी, ड्रिल, गहन सेवा कक्षाएं और शैक्षणिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए उन्हें तैयार करता है। परिवार और नाते-रिश्तेदारों में उनकी सफलता को लेकर खुशी का माहौल है और सभी ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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