Shubhanshu Shukla
नई दिल्ली, एजेंसियां। 26 जनवरी को नई दिल्ली में इंडियन एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रतपति द्रौपदी मुर्मू ने शुभांशु शुक्लार को अशोक चक्र मेडल और सर्टिफिकेट दिया।
शुभांशु NASA के स्पेस मिशन Axiom-4 के तहत 18 दिन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर रहे थे। शुभांशु ने 25 जून 2025 को यात्रा शुरू की थी और 14 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे थे।
उत्तईरप्रदेश के लखनऊ में जन्मेश शुभांशु स्पेतस स्टे शन जाने वाले इकलौते और अंतरिक्ष यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय हैं।
गगनयान मिशन का भी हिस्सा
शुभांशु ISRO के गगनयान स्पेनस मिशन का भी हिस्सा होंगे। अशोक चक्र देश का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।
अशोक चक्र से सम्मानित होने पर केंद्र सरकार से हर महीने 12000 रुपए (पहले 6000 रुपए) अलाउंस दिया जाता है।
मरणोपरांत पुरस्कार दिए जाने पर ये अलाउंस विधवा को (मृत्यु या पुनर्विवाह तक) या परिवार के सदस्यों को दिया जाता है।
अशोक चक्र विजेता को सालाना आय में टैक्स छूट, फ्री रेल सेवा और एयर ट्रैवल में 75% तक की छूट दी जाती है।
परंपरागत तौर पर, अशोक चक्र विजेता हर साल गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होते हैं। शुभांशु शुक्लाे अब से हर साल परेड का हिस्साे होंगे।
पहला अशोक चक्र 1952 में हवलदार बचित्तर सिंह को दिया गया था। नीरजा भनोट पहली महिला हैं जिन्हें 1987 में अशोक चक्र मिला।








