Chhatrapati Shivaji Maharaj
पुणे, एजेंसियां। महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर तालुका स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली किला शिवनेरी पर शिवजयंती के अवसर पर भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस अफरा-तफरी में महिलाओं और छोटे बच्चों सहित करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए।
सभी घायलों को तत्काल जुन्नर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी की मौत नहीं हुई।
शिवजयंती के मौके पर राज्यभर से श्रद्धालु, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता और शिवज्योति लेकर पहुंचे युवक बड़ी संख्या में किले पर एकत्र हुए थे। रात से ही किला परिसर खचाखच भरा हुआ था। अंबरखाना के नीचे हाथी दरवाजा क्षेत्र और गणेश दरवाजा जैसे संकरे मार्गों पर अत्यधिक भीड़ जमा हो गई। रास्ते संकरे होने और एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के आगे बढ़ने से अचानक भगदड़ की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं था, जिससे कुछ समय के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए। धक्का-मुक्की के दौरान कई लोग गिर पड़े, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। मौके पर मौजूद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किले पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। हर वर्ष शिवाजी महाराज की जयंती पर किला शिवनेरी में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी सुबह नौ बजे आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री की उपस्थिति प्रस्तावित है।
घटना के बाद प्रशासन की तैयारियों और भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान प्रवेश और निकास मार्गों की बेहतर व्यवस्था की जाए, साथ ही पर्याप्त पुलिस बल और आपातकालीन चिकित्सा सुविधा पहले से तैनात की जाए।
आज पूरे महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। नागपुर समेत कई शहरों में प्रतिमाओं का अभिषेक, महाआरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुणे की इस घटना ने हालांकि उत्सव के बीच सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।








