Shiv Sena councillor: चेक बाउंस मामले में पूर्व शिवसेना पार्षद को मिली सजा, तीन महीने की जेल और तीन लाख का जुर्माना

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Shiv Sena councillor

मुंबई, एजेंसियां। महाराष्ट्र के ठाणे जिले की कल्याण अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में पूर्व शिवसेना पार्षद काशिफ इमामुद्दीन टंकी को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया, तो आरोपी को अतिरिक्त तीन महीने की साधारण कैद भुगतनी होगी। यह फैसला कल्याण अदालत के पांचवें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आई.ए.आर. शेख ने सुनाया।

2022 में लिया था 2.38 लाख का कर्ज, चेक ‘खाता बंद’ बताकर लौटा

अदालत में पेश मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता सादिकुज्मा दाऊद खान, जो रेलवे विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी थे, ने बताया कि वह 2005 के नगर निकाय चुनावों के समय से टंकी को जानते थे। वर्ष 2022 में टंकी ने उनसे 2.38 लाख रुपये का कर्ज लिया था और छह महीने के भीतर राशि लौटाने का आश्वासन दिया था। कर्ज चुकाने के लिए अगस्त 2022 में टंकी ने एक चेक दिया, लेकिन बैंक में जमा करने पर चेक ‘खाता बंद’ टिप्पणी के साथ बाउंस हो गया।

कानूनी नोटिस के बाद भी नहीं लौटाई रकम

शिकायतकर्ता ने सितंबर 2022 में आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा, लेकिन इसके बावजूद राशि वापस नहीं की गई। इसके बाद मामला अदालत में पहुंचा। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की मृत्यु हो गई, जिसके बाद उनके परिजनों ने मुकदमे को आगे बढ़ाया।

बचाव पक्ष की दलील खारिज

बचाव पक्ष ने दावा किया कि आरोपी ने केवल 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था, जिसे चुका दिया गया था और शिकायतकर्ता ने एक पुराने ‘ब्लैंक सिक्योरिटी चेक’ का दुरुपयोग किया। हालांकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि आरोपी के कृत्य से शिकायतकर्ता को गंभीर वित्तीय नुकसान हुआ और उसे उसके कानूनी अधिकार से वंचित किया गया।

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