SBI ATM transaction fees
नई दिल्ली, एजेंसियां। अगर आप स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहक हैं और अक्सर ATM का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने ATM ट्रांजैक्शन चार्ज में बढ़ोतरी कर दी है। नए नियमों के तहत फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट खत्म होने के बाद अब ग्राहकों को कैश निकालने और बैलेंस चेक करने के लिए ज्यादा शुल्क देना होगा।
फ्री लिमिट के बाद बढ़े चार्ज
SBI ने स्पष्ट किया है कि दूसरे बैंकों के ATM से फ्री लिमिट खत्म होने के बाद अब कैश विदड्रॉल पर 23 रुपये (GST सहित) देने होंगे। इससे पहले यह शुल्क 21 रुपये था। वहीं, बैलेंस इन्क्वायरी, मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के लिए अब 11 रुपये (GST सहित) चुकाने होंगे। इस बढ़ोतरी से उन ग्राहकों पर ज्यादा असर पड़ेगा, जो बार-बार ATM का इस्तेमाल करते हैं।
किन खाताधारकों पर लागू होंगे नए नियम
यह बढ़ा हुआ शुल्क सेविंग्स अकाउंट, सैलरी अकाउंट और करंट अकाउंट धारकों पर लागू होगा। हालांकि बैंक ने राहत देते हुए बताया है कि बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और SBI ATM से ट्रांजैक्शन करने वाले SBI डेबिट कार्ड होल्डर्स पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
अब भी मिलेंगे 5 फ्री ट्रांजैक्शन
SBI के सेविंग्स अकाउंट धारकों को पहले की तरह दूसरे बैंकों के ATM से हर महीने 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती रहेगी। लेकिन इस सीमा के बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर बढ़ा हुआ शुल्क देना होगा।
क्यों बढ़ाए गए ATM चार्ज
बैंक के मुताबिक, इंटरचेंज फीस में हालिया बढ़ोतरी के कारण ATM ट्रांजैक्शन चार्ज बढ़ाने का फैसला लिया गया है। SBI का कहना है कि ATM संचालन और नेटवर्क मेंटेनेंस की लागत बढ़ने के चलते यह कदम जरूरी हो गया था।
ग्राहकों के लिए क्या है सलाह
जो ग्राहक बार-बार ATM से पैसे निकालते या बैलेंस चेक करते हैं, उन्हें अब अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सलाह दी जा रही है कि ग्राहक डिजिटल बैंकिंग, UPI और मोबाइल ऐप का अधिक इस्तेमाल करें, ताकि अनावश्यक चार्ज से बचा जा सके।

















