SBI creates history:
नई दिल्ली, एजेंसियां। भारत की सबसे बड़ी सरकारी बैंकिंग संस्था स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 100 अरब डॉलर (लगभग ₹8.3 लाख करोड़) के पार पहुंच गया है। इसके साथ ही एसबीआई अब एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और एयरटेल जैसी दिग्गज कंपनियों की कतार में शामिल हो गया है। बैंक का अब अगला बड़ा लक्ष्य है — 2030 तक दुनिया के टॉप 10 सबसे मूल्यवान बैंकों में जगह बनाना।
भारतीय बैंकिंग के लिए ऐतिहासिक पल
एसबीआई ने यह मुकाम ऐसे समय पर हासिल किया है जब भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है और बैंकिंग सेक्टर में सुधार के लिए आरबीआई लगातार नए कदम उठा रहा है। बैंक ने अपने कारोबारी आकार में भी शानदार ग्रोथ दर्ज की है, जिसने इस ऐतिहासिक उपलब्धि की नींव रखी।
चेयरमैन सी.एस. सेट्टी का बयान
एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी ने कहा, “मार्केट कैप के हिसाब से एसबीआई देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक संस्था है। हमारा लक्ष्य अब अपने मूल्य को और बढ़ाना है ताकि भारत की बैंकिंग का दबदबा वैश्विक स्तर पर स्थापित हो।” उन्होंने आगे बताया कि बैंक ने पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त कमाई की है और उसका कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (CAR) अब 15% और CET-1 अनुपात 12% तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
मजबूत फंडिंग और बढ़ता प्रॉफिट
सेट्टी ने बताया कि बैंक की ग्रोथ में कभी भी कैपिटल की कमी आड़े नहीं आई। वर्तमान में एसबीआई के पास 6 से 7 ट्रिलियन रुपए का ग्रोथ-सपोर्टिंग कैपिटल है।वित्त वर्ष 2025 की सितंबर तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 10% बढ़कर ₹20,160 करोड़ हो गया। यह उपलब्धि न केवल एसबीआई के लिए बल्कि भारत की सार्वजनिक बैंकिंग प्रणाली के लिए भी एक ऐतिहासिक पड़ाव है, जो देश की आर्थिक मजबूती और वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव का संकेत देती है।
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