Freshness of eggs:
नई दिल्ली, एजेंसियां। बरसात के मौसम में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं और खराब अंडा खाने से पेट दर्द, उल्टी या फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह खतरा और बढ़ जाता है। लेकिन अंडे की ताजगी जांचना बेहद आसान है और इसके लिए किसी लैब या मशीन की जरूरत नहीं।
Freshness of eggs: अंडे की ताजगी के चार आसान टेस्ट:
पानी टेस्ट:
कटोरे में पानी भरें और अंडा डालें।
पूरी तरह डूब जाए → ताजा अंडा।
खड़ा हो जाए → थोड़ा पुराना, खाने योग्य।
ऊपर तैर जाए → खराब, फेंक दें।
जर्दी-सफेदी निरीक्षण:
अंडा फोड़ते ही जर्दी गोल और सफेदी गाढ़ी व साफ दिखे → ताजा।
लाल, काले या हरे निशान → खराब, न खाएं।
स्मेल टेस्ट:
ताजा अंडे से बदबू नहीं आती।
तेज बदबू या अजीब गंध → खराब, खाना खतरनाक।
शेक टेस्ट:
अंडा हल्का हिलाकर कान के पास सुनें।
पानी जैसी आवाज → खराब।
कोई आवाज न आए → ताजा।
सुरक्षित स्टोरेज:
अंडे को हमेशा फ्रिज में रखें।
कमरे के तापमान पर लंबे समय तक न रखें।
पैकेज पर लिखी एक्सपायरी डेट जरूर देखें।
एक छोटी सावधानी से आप अपने बच्चे और परिवार को पेट संबंधी रोगों और फूड पॉइजनिंग से बचा सकते हैं।
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