Samay Raina:
नई दिल्ली, एजेंसियां। कॉमेडियन समय रैना हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने उन पर लगी शिकायतों पर सुनवाई करते हुए उन्हें एक अनोखा और प्रभावशाली निर्देश दिया है, जिसे ऑनलाइन यूजर्स आमिर खान की फिल्म तारे जमीन पर से जोड़कर देख रहे हैं। अदालत ने रैना को आदेश दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर हर महीने कम से कम दो शो आयोजित करें, जिनमें प्रेरणादायक कहानियों वाले दिव्यांग लोगों को शामिल किया जाए। इन कार्यक्रमों से हासिल फंड दिव्यांगों के इलाज में इस्तेमाल होगा।
आमिर खान की फिल्म से क्यों जोड़ा जा रहा मामला?
यह निर्देश ऐसे समय आया है जब हाल ही में आमिर खान की फिल्म सितारे जमीन पर रिलीज हुई है। फिल्म में आमिर का किरदार शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण एक दुर्घटना करता है और अदालत उन्हें सजा के रूप में तीन महीने तक स्पेशल चिल्ड्रन को बास्केटबॉल सिखाने का आदेश देती है।
सोशल मीडिया यूजर्स को समय रैना का मामला बिल्कुल इसी कहानी से मिलता-जुलता लगा। कई लोगों ने लिखा कि कोर्ट ने सजा देने के साथ-साथ समाज को बेहतर बनाने का तरीका चुना, बिल्कुल फिल्म की तरह।
यूजर्स ने की आमिर खान की जमकर तारीफ:
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद X और इंस्टाग्राम पर कई प्रतिक्रियां सामने आईं।एक यूजर ने लिखा, “इसलिए आमिर खान मिस्टर परफेक्शनिस्ट हैं… उनकी फिल्मों की सीख कभी पुरानी नहीं होती।”दूसरे यूजर ने कहा, “पहली बार लगा कि इंसाफ के साथ इंसानियत भी सिखाई जा रही है।”कुछ लोगों ने कोर्ट के फैसले को “जीवन का सबक” और “सही दिशा में कदम” बताया।
क्या है पूरा आरोप?
क्योर SMA इंडिया फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि समय रैना ने स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) के इलाज पर असंवेदनशील टिप्पणी की और एक दिव्यांग व्यक्ति का मजाक उड़ाया।इसी मामले में कॉमेडियंस विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठाकुर, आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर के नाम भी शामिल हैं।अदालत ने आगे की सुनवाई में समय रैना की प्रतिक्रिया और पक्ष रखने को भी कहा है।यह फैसला एक बार फिर याद दिलाता है कि सार्वजनिक मंच पर कही गई बात सिर्फ मजाक नहीं होती कभी-कभी वह जीवन बदलने वाली जिम्मेदारी बन जाती है।



