Sadhvi Prem Baisa death case: साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत पर बड़ा कदम, जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT गठित

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Sadhvi Prem Baisa death case:

जोधपुर, एजेंसियां। राजस्थान की प्रसिद्ध कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने विशेष जांच टीम (SIT) के गठन के आदेश दिए हैं। यह SIT तीन सदस्यीय होगी, जिसकी अगुवाई एसीपी छवि शर्मा कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और गहराई से की जाएगी।

एसआईटी में एसीपी छवि शर्मा के साथ बोरनाडा थाना प्रभारी शकील अहमद को शामिल किया गया है। इसके अलावा तकनीकी और वैज्ञानिक जांच को मजबूत करने के लिए एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट को भी टीम में रखा गया है। साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े चिकित्सा उपचार, इंजेक्शन, अस्पताल प्रबंधन और अन्य सभी पहलुओं की जांच अब यही टीम करेगी।

12 साल की उम्र में चुना था अध्यात्म का मार्ग

साध्वी प्रेम बाईसा ने महज 12 वर्ष की उम्र में अध्यात्म का मार्ग अपना लिया था। वे राजस्थान की जानी-मानी कथावाचक थीं और बहुत कम उम्र में उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैल गई थी। मात्र 25 वर्ष की उम्र में उनका असामयिक निधन हो जाना श्रद्धालुओं और संत समाज के लिए गहरा आघात है।

इलाज के दौरान हुई मौत, विसरा सैंपल जांच के लिए भेजे गए

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साध्वी 27 जनवरी 2026 को अजमेर से कथा संपन्न कर जोधपुर के आरती नगर आश्रम लौटी थीं। लौटने के बाद उन्हें सांस लेने में परेशानी हुई। पहले एक कंपाउंडर ने इंजेक्शन लगाया, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।पुलिस ने परिजनों की अनुमति से पोस्टमार्टम करवाया और विसरा सैंपल जांच के लिए सुरक्षित रखे गए। इसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया। 30 जनवरी को उनके पैतृक गांव परेऊ (जिला बालोतरा) में पूरे विधि-विधान से समाधि संस्कार किया गया।

पुलिस का कहना है कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही या साजिश सामने आने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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