26 जनवरी की शाम को सड़कों पर क्यों मिलता है हमारा गौरव? 2026 में न दोहराएं ये गलती!

Ranjan Tiwari
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💔 तिरंगे का दर्द: क्या हमारी देशभक्ति बस 26 जनवरी की सुबह तक है?

गणतंत्र दिवस की सुबह जो तिरंगा हमारी शान होता है, शाम को वही सड़कों पर क्यों मिलता है? आइए, इस 2026 में संकल्प लें कि हम अपने तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे। एक अपील।

नई दिल्ली/डेस्क: 26 जनवरी 2026 की सुबह। आसमान में तिरंगा लहरा रहा है। हर तरफ ‘जय हिन्द’ की गूँज है। छोटे-छोटे बच्चे हाथों में झंडा लिए दौड़ रहे हैं। पूरा देश गर्व से भरा है।

लेकिन, क्या आपने कभी 26 जनवरी की शाम देखी है?

वही तिरंगा, जिसके लिए हमारे वीर जवान जान दे देते हैं। वही तिरंगा, जो हमारी पहचान है। शाम होते ही वह सड़कों पर मिलता है। कहीं नालियों के पास, तो कहीं पैरों के नीचे।

क्या हमारी देशभक्ति बस कुछ घंटों की है?

“जो तिरंगा सुबह सर का ताज होता है, शाम को उसे जमीन पर देख दिल रोता है। ये महज कागज का टुकड़ा नहीं, जान है हमारी, इसका अपमान करना, सबसे बड़ी गद्दारी है।”

झंडा गिरता है, तो दिल टूटता है

हम बड़े उत्साह से प्लास्टिक या कागज के झंडे खरीदते हैं। सड़कों पर उन्हें लहराते हैं। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम खत्म होता है, हम उसे वहीं छोड़ देते हैं।

सोचिए, उस तिरंगे पर जब किसी की गाड़ी चढ़ती है, तो कैसा लगता होगा? जब वह कूड़े के ढेर में मिलता है, तो क्या हमें शर्म नहीं आनी चाहिए? झंडा सिर्फ एक कपड़ा या कागज नहीं है। यह 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। अगर झंडा जमीन पर गिरता है, तो समझो हमारा सर झुक गया।

2026 में हमें क्या बदलना है?

इस बार गणतंत्र दिवस 2026 पर हमें एक नई मिसाल पेश करनी है। हमें दिखावा नहीं, बल्कि असली सम्मान करना है।

  • खरीदें तो संभालें: अगर आप झंडा खरीद रहे हैं, तो उसे घर लाने की जिम्मेदारी भी आपकी है।
  • सड़कों पर नजर रखें: अगर आपको कहीं भी झंडा जमीन पर गिरा दिखे, तो उसे तुरंत उठाएं। उसे साफ जगह पर रखें।
  • बच्चों को सिखाएं: बच्चों को बताएं कि झंडा उठाना देशभक्ति है, उसे फेंकना नहीं।
  • प्लास्टिक से बचें: कोशिश करें कि कागज या कपड़े का झंडा ही इस्तेमाल करें।

अगर झंडा खराब हो जाए तो क्या करें?

झंडा संहिता (Flag Code) के अनुसार, फटे या पुराने झंडे को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए।

  1. उसे सम्मान के साथ मोड़कर किसी सुरक्षित जगह पर रखें।
  2. अगर उसे नष्ट करना जरूरी हो, तो उसे अकेले में पूरी मर्यादा के साथ जला दें या दफन कर दें।
  3. सरेआम कूड़ेदान में उसे कभी न डालें।

एक भावुक अपील

तिरंगा हमारे देश की आत्मा है। इसकी रक्षा करना सिर्फ सैनिकों का काम नहीं है। यह हम सबका कर्तव्य है। 2026 का गणतंत्र दिवस ऐसा हो, जहां 27 जनवरी की सुबह एक भी झंडा जमीन पर न दिखे।

याद रखिए:

“आन देश की, शान देश की, देश की हम संतान हैं, तीन रंगों से रंगा तिरंगा, अपनी ये पहचान है।”

आइए, इस बार अपने गौरव को जमीन पर न गिरने दें। झंडे का सम्मान करें, देश का सम्मान करें।

🇮🇳 जय हिन्द! जय भारत! 🇮🇳

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